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एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा से भी पास: अब 10 साल की जेल और 10 करोड़ तक का जुर्माना! राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही बन जायेगा कानून!

एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा से भी पास, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही बन जाएगा कड़ा कानून

लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है। विपक्षी सांसदों के वॉकआउट करने के बाद ध्वनि मत से इस बिल को राज्यसभा से पारित किया गया। दोनों सदनों से पास होने के बाद अब यह बिल कानून बनने से बस एक कदम दूर है और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह आधिकारिक रूप से कानून बन जाएगा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की है।

Anti paper leak bill passed in Rajya Sabha with strict penalties and jail terms.

इस नए बिल में बेहद सख्त सजा का प्रस्ताव रखा गया है। इस कानून का मुख्य मकसद ऐसे लोगों, संगठित समूहों और संस्थाओं को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और अपराध करने से प्रभावी ढंग से रोकना है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं की ईमानदारी पर बुरा असर पड़ता है।

बिल में क्या-क्या कड़े प्रावधान किए गए हैं?

इस नए विधेयक के दायरे में परीक्षा से जुड़ी कई गंभीर गड़बड़ियों को शामिल किया गया है:

  • व्यक्तिगत दोषी: परीक्षाओं में पेपर लीक या अनुचित तरीकों में शामिल पाए गए लोगों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही, उन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • संगठित अपराध: संगठित रूप से किए जाने वाले अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम 7 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का कड़ा प्रस्ताव रखा गया है।
  • निकलेंगे नए रास्ते: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकल करना, परीक्षा प्रणाली को हैक करना, ऑनलाइन पेपर सेंड करना और साइबर फ्रॉड जैसे मामले भी पूरी तरह से इस कानून के दायरे में आएंगे।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और विपक्ष का पक्ष

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा देश के हर परिवार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा, 'पीएम मोदी जब विकसित भारत 2047 की बात करते हैं तो उसमें हमारे ये बच्चे बड़ा निवेश हैं।' इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता के 152 पेपर लीक वाले दावे पर कहा कि वे इसे ऑथेंटिकेट नहीं कर सके। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि मैनेजमेंट कोटा खत्म करके प्रधानमंत्री ने मेडिकल शिक्षा को देश के सभी युवाओं के लिए सुलभ बनाया है।

इससे पहले राज्यसभा में गुरुवार को इस बिल पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला था। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रश्न पत्र लीक मामलों को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक पर चर्चा के दौरान एक वार्षिक परीक्षा कैलेंडर बनाए जाने का सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई ज्यादतियों की न्यायिक जांच कराने की भी जोरदार मांग उठाई।