दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए आगे पहुंचाने के मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से 5 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने बैंक खातों के साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम भी दूसरे लोगों को दिए थे। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को पहले जमा करने और फिर अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
इस मामले में थाना सुपेला, भिलाई भट्ठी और एसीसीयू की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस ने 20 अगस्त को सुपेला थाना क्षेत्र से दो तथा भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र से सात लोगों को पकड़ा।
जांच के मुताबिक, बैंक खातों में रकम आने के बाद उसे अन्य खातों में भेजा जाता था। इस काम के बदले आरोपियों को करीब 2 हजार से 15 हजार रुपये तक कमीशन मिलने की बात पुलिस ने बताई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से संबंधित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
ऐसे आगे बढ़ती थी ठगी की रकम
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि साइबर ठगी करने वालों को रकम प्राप्त करने के लिए ऐसे बैंक खातों की आवश्यकता होती थी, जिनका इस्तेमाल लेन-देन के लिए किया जा सके। इसके लिए कमीशन देने का लालच देकर कुछ लोगों से बैंक खाते और उनसे जुड़े साधन लिए जाते थे।
ठगी की रकम संबंधित खातों में आने के बाद उसे अलग-अलग खातों में भेजा जाता था। इस प्रक्रिया में रकम कई बैंक खातों से होकर गुजरती थी। पुलिस के अनुसार, ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है।
सुपेला थाने में दर्ज मामले में चंद्र नगर उमरपोटी निवासी अमन कुमार राय (25) और पांच रास्ता चिंगरी पारा सुपेला निवासी डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38) को आरोपी बनाया गया है।
इसी तरह भिलाई भट्ठी थाने में दर्ज प्रकरण में दिनेश कुमार देशमुख (22), नितिश सिंह राजपूत (28), विक्रम देशलहरे (33), भीष्म ध्रुव (24), के. सुनीता राव, स्मीता मसीह और गुनगुन देवांगन के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 318(2), 318(3) और 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस की कार्रवाई में कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जांच के दौरान उनके बैंक खातों से 5 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी सामने आई है और बैंकिंग दस्तावेज समेत अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई है।
ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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