दुर्ग के चर्चित नानी ह-त्या मामले में पुलिस ने दो साल बाद नागपुर से तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।

दुर्ग। जिले के चर्चित नानी ह-त्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब दो साल से फरार चल रहे तीसरे आरोपी को दुर्ग पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

दुर्ग नानी ह*त्या केस: 2 साल बाद नागपुर से तीसरा आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में दो सगी बहनों ने अपनी नानी से 2 लाख रुपये की मांग की थी। रकम नहीं मिलने पर दोनों ने साजिश रची और उनकी जा-न ले ली। घटना के बाद घर में रखी नकदी और जेवर लेकर दोनों फरार हो गई थीं।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बड़ी बहन ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से लूटे गए जेवर बेच दिए थे। इसी मामले में मंगलवार को पुलिस ने बॉयफ्रेंड सुमित हीरानंद लालवानी को नागपुर से गिरफ्तार किया। इस मामले में शामिल दोनों बहनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मामला उतई थाना क्षेत्र का है।

घटना 24 जुलाई 2024 की है। कुबेर अपार्टमेंट में रहने वाली अतिंदर शाहनी (56) घर में अकेली रहती थीं। 27 जुलाई को कई दिनों तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस घर के अंदर पहुंची, जहां उनका शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उनकी मौ-त कई दिन पहले हो चुकी थी।

शुरुआत में यह मामला अंधे क-त्ल जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने पूरी साजिश का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि घटना को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनकी दो सगी नातिनों ने पैसों और जेवर के लालच में अपने साथी के साथ मिलकर ह-त्या को अंजाम दिया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों बहनें लंबे समय से अपनी नानी से पैसों की मांग कर रही थीं। रकम नहीं मिलने पर उन्होंने साजिश बनाई। 24 जुलाई 2024 को दोनों बहनें नागपुर से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के जरिए दुर्ग पहुंचीं।

यहां से दोनों ऑटो से पुरई स्थित अपनी नानी के घर पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, घर का दरवाजा खुलने के बाद दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद घर में रखी नकदी, जेवर, मोबाइल और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने साथ ले गईं। उन्होंने नानी के पहने हुए गहने भी निकाल लिए।

घटना के बाद दोनों नानी की स्कूटी लेकर राजनांदगांव पहुंचीं। वहां से स्कूटी को बस में रखकर नागपुर ले गईं और बाद में पुलिस से बचने के लिए उसे रेलवे ट्रैक के पास छोड़ दिया।

वारदात के बाद पूछताछ के दौरान दोनों बहनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि घटनास्थल से मिले साक्ष्य, तकनीकी जांच और पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

इसके बाद बड़ी नातिन दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की और उसकी नाबालिग बहन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 4 लाख रुपये के जेवर और लूटी गई नकदी भी बरामद की। पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की।

जांच के दौरान तीसरे आरोपी सुमित हीरानंद लालवानी की भूमिका के भी अहम साक्ष्य मिले। इसके बाद उसे मामले में आरोपी बनाया गया, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। आखिरकार तकनीकी इनपुट और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर में मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां भी पुलिस को दी हैं।

उतई थाना में दर्ज इस मामले में अब तक तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें बड़ी नातिन दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की, उसकी नाबालिग बहन और तीसरा आरोपी सुमित हीरानंद लालवानी शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है। इससे जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी पूरी हो गई है।

दुर्ग, भिलाई और छत्तीसगढ़ की ऐसी ही भरोसेमंद और स्थानीय खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। आपके सहयोग से सही और तथ्यात्मक खबरें ज्यादा लोगों तक पहुंचती हैं।