रायपुर-भिलाई में तेज बारिश से जलभराव, महानदी में बहे मछुआरे का शव 8 दिन बाद मिला। आज से प्रदेशभर में मानसून फिर सक्रिय।

 

रायपुर-भिलाई में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, सोसायटी में भरा पानी; आज से फिर तेज होगा मानसून

छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार दोपहर रायपुर और भिलाई में तेज बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। राजधानी के विधानसभा क्षेत्र स्थित गैलेक्सी ग्रीन सोसायटी में पानी भरने से रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, मौसम विभाग ने आज (4 अगस्त) से पूरे प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है।

रायपुर-भिलाई में झमाझम बारिश से जलभराव, महानदी में बहे मछुआरे का शव 8 दिन बाद मिला; आज से फिर एक्टिव हुआ मानसून

आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौ-त

सरगुजा जिले के ग्राम जजगा में खेत में रोपा लगा रही कमला भगत (37) पर आकाशीय बिजली गिर गई। ग्रामीणों ने उन्हें घायल अवस्था में देखा तो पहले शरीर पर गोबर का लेप लगाया और फिर खाट पर उठाकर लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृ-त घोषित कर दिया।

महानदी में बहे मछुआरे का शव 8 दिन बाद मिला

धमतरी जिले में महानदी के साहनी घाट में 8 दिन पहले बह गए मछुआरे गुलाल सोरी (36) का शव बरामद किया गया। वह 27 जुलाई को मछली पकड़ने गया था, तभी पानी के तेज बहाव में बह गया था।

आज से फिर एक्टिव हुआ मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, 4 अगस्त से पूरे प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां तेज होंगी। अगले तीन दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

कम बारिश का असर खरीफ बुवाई पर

लोकसभा में सरकार ने बताया कि इस वर्ष देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का असर खरीफ बुवाई पर भी पड़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में अब तक करीब 5 प्रतिशत कम बुवाई हुई है।

1 जून से 29 जुलाई के बीच पंजाब में 33 प्रतिशत, हरियाणा में 26 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 24 प्रतिशत, राजस्थान में 16 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

सरकार ने बताया कि खरीफ सीजन 2026-27 की बुवाई अभी जारी है, इसलिए पहली फसल उत्पादन अनुमान रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। हालात से निपटने के लिए 342 जिलों के कंटिजेंसी प्लान अपडेट किए गए हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत और बचाव की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। जरूरत पड़ने पर SDRF और NDRF के तहत केंद्र सरकार की ओर से भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अगले 48 घंटे का मौसम

अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।

राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।

अगस्त का महीना क्यों है अहम

छत्तीसगढ़ में जुलाई के आखिर तक बारिश लगभग सामान्य स्तर पर पहुंच चुकी है। यदि अगस्त में भी अच्छी बारिश होती है तो धान और अन्य खरीफ फसलों को इसका लाभ मिलेगा। अगस्त का महीना धान की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

हालांकि मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए अलग से पूर्वानुमान जारी नहीं किया है, लेकिन मध्य भारत के लिए जारी संकेतों के आधार पर राज्य में अगस्त के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद जताई गई है।

IMD की मुख्य बातें

  • अगस्त और अगस्त-सितंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान।

  • मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश की संभावना।

  • एल नीनो के और मजबूत होने के संकेत।

  • IOD फिलहाल न्यूट्रल, सितंबर में पॉजिटिव IOD बनने की संभावना।

  • छत्तीसगढ़ में अगस्त की बारिश खरीफ फसलों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

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