राखी सिर्फ धागा नहीं, रक्षा सूत्र है! उतारते समय इन बातों का रखें ध्यान साथ ही जानें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही तरीका....

रक्षाबंधन का त्योहार खत्म होने के बाद राखी कितने समय तक कलाई पर रखनी चाहिए, इसे लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार कुछ लोग राखी को कम से कम 24 घंटे तक रखते हैं, जबकि कई परिवारों में इसे 3 से 7 दिन तक कलाई पर रखने की परंपरा है। कुछ जगहों पर जन्माष्टमी तक राखी रखने की मान्यता भी मिलती है।

रक्षाबंधन के बाद कब उतारें राखी?

राखी केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं मानी जाती, बल्कि इसे रक्षा सूत्र के रूप में भी देखा जाता है। इसलिए इसे उतारते समय भी सम्मान और धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखने की बात कही गई है।

2026 में किस दिन होगा रक्षाबंधन?

द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में श्रावण पूर्णिमा की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से होगी। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगी।

उदया तिथि के आधार पर 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।

राखी उतारने का क्या है नियम?

धार्मिक मान्यताओं में राखी को कलाई से हटाने के लिए हर जगह एक ही दिन निर्धारित नहीं बताया गया है। सामान्य रूप से इसे कम से कम एक दिन यानी करीब 24 घंटे तक कलाई पर रखना शुभ माना जाता है।

इसके अलावा कई परिवारों में राखी को 3 से 7 दिनों तक बांधे रखने की परंपरा है। कुछ क्षेत्रों में इसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक कलाई पर रखने की मान्यता भी प्रचलित है।

इसलिए राखी कब उतारी जाए, यह संबंधित परिवार की धार्मिक परंपरा और मान्यता के अनुसार अलग हो सकता है।

जन्माष्टमी पर राखी उतारना सही है?

रक्षाबंधन के बाद आने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राखी उतारने की परंपरा भी कुछ स्थानों और परिवारों में देखने को मिलती है। इसके पीछे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और रक्षा सूत्र को सम्मानपूर्वक हटाने की भावना जुड़ी मानी जाती है।

हालांकि जन्माष्टमी के दिन राखी उतारना सभी के लिए अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं माना गया है। जिन परिवारों में ऐसी परंपरा है, वे जन्माष्टमी की पूजा के बाद राखी खोल सकते हैं।

राखी खोलते समय किन बातों का ध्यान रखें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी को सामान्य धागा समझकर कहीं भी फेंकना उचित नहीं माना जाता। इसे रक्षा सूत्र के रूप में सम्मान देने की परंपरा है।

राखी उतारने से पहले स्नान करके भगवान का स्मरण करने और फिर शांत मन से रक्षा सूत्र खोलने की बात कही गई है।

पुरानी राखी का क्या किया जाए?

कलाई से उतारी गई राखी को सीधे कूड़ेदान में डालने से बचने की धार्मिक मान्यता है। इसे सम्मान के साथ सुरक्षित रखने या उचित तरीके से विसर्जित करने की परंपरा बताई जाती है।

यदि राखी को संभालकर रखना हो तो उसे साफ कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल या किसी स्वच्छ स्थान पर रखा जा सकता है।

वहीं, प्राकृतिक सामग्री से तैयार राखी के लिए किसी स्वच्छ बहते जल में विसर्जन की मान्यता भी प्रचलित है।

राखी का धार्मिक महत्व क्या है?

रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है।

इसी वजह से राखी को भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के वचन से जुड़ा प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में रक्षा सूत्र को सम्मान देने की बात कही गई है, इसलिए इसे उतारने के तरीके को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

राखी उतारने की अवधि को लेकर अलग-अलग धार्मिक और पारिवारिक परंपराएं हैं। कहीं इसे 24 घंटे बाद हटाया जाता है, तो कहीं 3 से 7 दिन तक रखने की मान्यता है। कुछ परिवार जन्माष्टमी तक इसे कलाई पर रखते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार राखी उतारना उचित माना जाता है।

desclaimer: इस खबर में बताई गई जानकारी विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और सामान्य प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। भिलाई की पत्रिका न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है|