रायपुर,संत निरंकारी मण्डल की सचिव एवं मेम्बर इंचार्ज श्रीमति प्रवीण भुल्लर जी का छत्तीसगढ़ प्रदेश मे प्रथम बार आगमन पर ज़ोनल इचार्ज गुरबक्श सिंह कालरा ने आत्मीयता से स्वागत किया। संत प्रवीण भुल्लर जी की पावन उपस्थिती मे तेलीबाँधा स्थित सिंधी धर्मशाला मे सत्संग का आयोजन शाम 5 बजे से 7 बजे तक किया गया। इस सत्संग कार्यक्रम मे अनेक संतो – भक्तो ने अपने व्याख्यान एवं भक्ति गीतों से निरंकार सतगुरु का गुणगान किया।
निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का पावन संदेश देते हुए आपने फरमाया कि मानव अपनी काया को सजाता, महकाता, श्रिंगार करता है किन्तु आत्मा के कल्याण के लिए जो कार्य करना है उस तरफ उसका ध्यान नहीं जाता। वो धार्मिक किताबों मे लिखी बातों को केवल पढ़ने तक सीमित रखता है उन पर विचार नहीं करता कि पुरातन संतो ने जो इनमे लिखा है उस पर मनन करना है जैसे लिखा है कि “बड़े भाग मानुष तन पावा सुर दुर्लभ सब ग्रंथ ही गावा” अर्थात मनुष्य का तन पाने को देवता भी तरसते हैं क्योकि मुक्ति का मार्ग मानव चोले मे आकर पूर्ण सतगुरु कि कृपा से ही मिलता है।
ईश्वर को उसके वास्तविक रूप मे जानकर ही मानव जनम सफल हो सकता है। “राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट अंत समय पछताएगा जब प्राण जाएंगे छूट” ये बरसों से सुनते आ रहे पढ़ते आ रहे मगर रमे हुए राम को जानने का प्रयत्न मनुष्य नहीं करता, स्वांस के रहते ही ईश्वर को जाना जा सकता है इसलिए सबसे पहला कार्य ईश्वर-निरंकार को पूर्ण सतगुरु के चरणों मे जाकर अपनी जिज्ञासा प्रकट करके इस कार्य को पूर्ण कर लेना ही मानव जीवन का उद्देश्य है।
आपने अनेक धर्मग्रंथो से उदाहरण देते हुए इस विषय को और स्पष्ट करते हुए कहा कि अनेकता मे एकता केवल एक ईश्वर की पहचान से ही आ सकती है।
मीडिया प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम स्थल को सत्संग हेतु संत निरंकारी मिशन के सेवादल के भाइयों एवं बहनों ने सुंदर रूप प्रदान किया। इस सत्संग मे छत्तीसगढ़ के अनेक शहरों गाँव एवं कस्बों से आए भक्तों ने लाभ लिया।
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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