दुर्ग जिले में आज बढ़े कोरोना के मरीज,लंबे समय के बाद एक दिन में 10 से ज्यादा मिले मरीज,जिन इलाकों से मरीज मिले उन जगहों के नाम......

भिलाई। आज दुर्ग जिले में कोरोना के नए मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है, दुर्ग में 10 से ज्यादा मरीज लंबे समय बाद मिले हैं। ये आंकड़े चिंताजनक हैं। इसके बाद से पॉजिटिविटी के रेट भी बढ़ा है। जिला प्रशासन द्वारा जारी संक्षिप्त जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में आज 1384 सैंपल लिए गए। इनमें से 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।  जो पहले से काफी ज्यादा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कल दुर्ग जिले में सिर्फ 3 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज यह आंकड़ा 11 है। मरीजों की संख्या पहले bHi BaHI बढ़ गई।


आज के corona मीटर पर एक नजर...

 आज लिए गए 1384 सैंपल

 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

 दुर्ग से आज दो व्यक्तिय ठीक भी हुए।


इन जगहों से मिले कोरॉना मरीज

बोरसी, हुडको, रिसाली, वैशाली नगर, उतई, दीपक नगर, नेहरू नगर जैसे जगहों में पाए गए मरीज।


इधर मुख्य सचिव जैन ने प्रदेश में कोविड संक्रमण और तीसरी लहर से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार छ.ग में कोरोना के बढ़ते हुए मामलो को रोकने और ओमिक्रोन के बढ़ते वायरस से तीसरी लहर को संभालने के लिए आज मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समस्त संभागायुक्त,सभी कलेक्टर और सभी प्रमुख चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात कर बैठक की। उन्होंने बैठक में निर्देश दिया कि राज्य में कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से युद्धस्तर पर सभी जरूरी तैयारियां शुरू की जाएं. साथ ही अगले दो दिनों में जिलों को उपलब्ध कराए गए सभी चिकित्सा उपकरणों और संसाधनों की कार्यप्रणाली की जांच करें,सोशल डिस्टेंस के नियमों का सख्ती से पालन करें, जिसमें कोविड से संबंधित व्यवहार जैसे मास्क-सैनिटाइजर का इस्तेमाल शामिल है।


मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थल जैसे होटल, सिनेमा हॉल, थिएटर आदि 33 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ काम करेंगे। सामाजिक समारोहों के संचालन से पहले जिलाधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।जैन ने कलेक्टरों से कहा है कि संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए अब से ही तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय अभी से किए जाने चाहिए.उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन वायरस तेजी से फैलता है।  जिससे संक्रमितों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि जांच की संख्या बढ़ाई जाए।यदि कोई कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाया जाता है,तो संबंधित व्यक्ति के साथ सभी प्राथमिक संपर्क, साथ ही उनके प्राथमिक संपर्क को उनके घर पर ही क्वारंटाइन किया जाना चाहिए। साथ ही सभी लोगों की जांच की प्रक्रिया होनी चाहिए।

यदि किसी गांव या वार्ड में एक भी व्यक्ति संक्रमित है तो पूरे गांव या वार्ड को कंटेनमेंट जोन के रूप में चिह्नित किया जाना चाहिए। जिलों को कोरोना संक्रमण से संक्रमित पांच फीसदी लोगों के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं,सर्दी-खांसी के मरीजों की इंफेक्शन स्क्रीनिंग की जाए। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे अन्य स्थानों से, जहां संक्रमण बढ़ रहा है, व्यावसायिक कारणों से छत्तीसगढ़ आने वाले लोगों की जानकारी रखी जाए और उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। हर गली में एक पुलिस गश्ती दल द्वारा गश्त की जानी चाहिए और मास्क का उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 

मुख्य सचिव जैन ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। जैन ने अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए मीडिया के माध्यम से निर्देश दिया है कि कोविड के संक्रमण, कंटेनमेंट जोन, होम आइसोलेशन, टेस्टिंग, टेस्टिंग और अन्य सूचनाओं की जानकारी नियमित रूप से प्रसारित की जाए। उन्होंने जिलों में संचालित सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में निर्धारित सॉफ्टवेयर में बेड की आवश्यक संख्या बताने के निर्देश दिए।

3 जनवरी से सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 15 से 18 साल तक के स्कूली बच्चों का टीकाकरण के लिए कैंप लगाए जाएंगे,बच्चों को को-वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को बूस्टर डोज लगाने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में बताया गया कि कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए बलरामपुर जिले में तत्पानी उत्सव की अनुमति नहीं दी जाएगी, रायगढ़ के जिलाधिकारी भीम सिंह ने बताया कि जिले में नववर्ष के सभी कार्यक्रमों और पार्टियों पर रोक लगा दी गयी है, बैठक में प्रमुख रूप से अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. आलोक शुक्ला एवं मिशन निदेशक प्रियंका शुक्ला उपस्थित थे.