विवाह के लिए कोरोना दिशानिर्देश, संक्रमण काल ​​​​में भी शादी के लिए 350 आवेदन स्वीकार, क्योंकि 10 रातों के बाद लगाने की अनुमति

हालांकि राजधानी में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन शादियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।तहसील में जनवरी-फरवरी में स्वीकृत आवेदनों की संख्या से स्पष्ट है कि शहर में महत्वपूर्ण दिनों में 8-10 विवाह समारोह हो ही रहे हैं। शादी के परमिट के लिए आवेदन अब ऑनलाइन स्वीकार किए जा रहे हैं।


रात्रि कर्फ्यू लागू होने के बाद आवेदनों में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन रात 10 बजे तक ढील दी गई है, रात 10 बजे के बाद शादी के फेरे की छूट और एक तिहाई लोगो को ही मैरिज हॉल या मैरिज लौन में शामिल होने की अनुमति दी गई। तब से आवेदनों की संख्या बढ़ी है। गौरतलब है कि कई शादियां हुई हैं और लोगों ने काफी एडवांस भी दिया है, इसलिए प्रशासन ने इस मसले पर थोड़ी छूट दी है।

फिलहाल प्रशासन-पुलिस शादी समारोहों को लेकर सख्त नहीं है, ज्यादा जांच भी नहीं हो रही है। इसलिए सड़कों पर बहुत कम लोगों के साथ बारात नजर आती है। हालांकि शादी समारोह प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए होना है, लेकिन सबसे ज्यादा लापरवाही शादियों में ही की जा रही है।


रात के कर्फ्यू के बाद शहर में शादियों के लिए मैरिज हॉल और भवन की बुकिंग तेजी से रद्द की जा रही है। लेकिन जैसे ही रात के कर्फ्यू के तहत शादी की इजाजत दी गई, मैरिज पैलेस, गार्डन, भवन और होटल फिर से बुक हो रहे है। मैरिज पैलेस संचालकों के मुताबिक लोग अब घर से बाहर शादी करना पसंद कर रहे हैं।


सबका धंधा व्यसाय बेहतर है

शादी से संबंधित व्यवसाय जैसे घोड़ा, बैंड-बाजा, डीजे, खानपान, फूलों की सजावट, किराये की दुकान आदि का व्यवसाय पहले की तरह ही चल रहा है। इन कारोबारियों का कहना है कि आम दिनों में होने वाली शादियों में तमाम रस्में और इंतजाम किए जा रहे हैं। इसकी भी एडवांस बुकिंग की जा रही है।

आजकल बड़े भवनों या होटलों में भी शादियों के लिए मुहूर्त के तारीखों में भवन या होटल खाली नहीं है। इसके चलते छोटे-छोटे गार्डन और भवन की भी बुकिंग हो रही है। शादियों की तैयारी में लोग खरीदारी करने के लिए लोग बाजारों में उमड़ रहे हैं। कपड़े, जूते, श्रृंगार के सामान, पूजा सामग्री आदि की बिक्री भी पहले की तरह जारी है।