Bhilai ki Patrika news, केंद्र सरकार ने बजट 2022 की घोषणा कर दी है, जिसमें सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स लगाए जाने का ऐलान किया है।
सरकार ने डिजिटल असेट्स पर होने वाली इनकम पर 30 फीसदी कर लगाने की बात कही, जिससे सरकार की कमाई बढ़ेगी। इस बारे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोऱ् के अध्यक्ष जेबी महापात्रा ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स लगाए जाने से सरकार की कमाई में बढ़ोतरी होगी।
अगर सिर्फ टॉप टेन क्रिप्टो एक्सचेंज, जिनका सलाना टर्नओवर 1 लाख करोड़ के आसपास हो बस उन पर ही नजर डाले तो भारत सरकार को इनसे ही बहुत ज्यादा टैक्स कलेक्शन होगा।
उन्होंने कहा कि भारत देश में अभी फिलहाल 40 से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी वर्क कर रही है, जिनमें से 10 ऐसे महत्वपूर्ण एक्सचेंज हैं जिनका एक साल का टर्नओवर 34000 करोड़ रुपए से लेकर 1 लाख करो़ड़ तक का है।
क्रिप्टोटैक्स लागू होने के बाद से 1 अप्रैल 2022 से सरकार को इनकम कर लाभ होगा। उन्होंने कहा कि अगर इनके टर्नओवर पर 1 फीसदी टीडीएस चार्ज करते हैं तो आप सोचिए कि सिर्फ टीडीएस से ही कितना टैक्स कलेक्शन होगा।
वहीं नए वित्तीय वर्ष से क्रिप्टो करेंसी के जरिए व्यक्तिगत ट्रांजैक्शन पर 30 प्रतिशत तक टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव है, जिससे भारत सरकार के इनकम में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि भारत के लोग क्रिप्टो से व्यापार तो कर रहे है, पर अपने इनकम टैक्स में इसे सामिल नहीं कर रहे है। अब लोग ऐसा नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा है कि क्रिप्टो करेंसी में निवेशकों को ट्रैक कर उनका पता लगाना बहुत ही कठिन है। टीडीएस के नियम के प्रावधान से अब उन सभी लोगों को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
जो लोग क्रिप्टो की खरीद बिक्री कर मुनाफा कमा रहे हैं अब उन सभी लोगो को भी अब टैक्स के दायरे में आना होगा। सीबीडीटी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष के लिए भी क्रिप्टोकरेंसी कर योग्यता निश्चित है।
सीबीडीटी अध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित 11.08 लाख करोड़ रुपए के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन टारगेट को पार कर लेंगे।
