दिल्ली में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा उम्मीदवार के नाम पर कांग्रेस करेगी तलाश....

 छ.ग न्यूज,राज्यसभा चुनाव 2022: राज्य संगठन की ओर से एक ओबीसी और एक आदिवासी नेता को मनोनीत करने की बात की जा रही हैं।


छत्तीसगढ़ की दो खाली राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए कांग्रेस नेता दिल्ली में बैठक करेंगे। कांग्रेस की दो सीटों में से एक और कांग्रेस की एक सीट पर स्थानीय नेतृत्व की पसंद का उम्मीदवार उतारने की बात हो रही है।पता चला है कि बैठक 28 मई को दिल्ली में होगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम बैठक में शामिल होने के लिए शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गये हैं। मरकाम को शुक्रवार दोपहर केंद्रीय संगठन से बातचीत के लिए फोन आया था। पता चला है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को दिल्ली का दौरा भी कर सकते हैं। हालांकि सीएम बघेल फिलहाल बैठक के लिए बस्तर में हैं। राज्य में राज्यसभा सीट के लिए एक दर्जन से ज्यादा सक्रिय उम्मीदवार हैं।कांग्रेस की छाया वर्मा और भाजपा के राम विचार नेताम का कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है।


कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच पलटवार

राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता भी आमने-सामने हैं।पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास निर्णय लेने की शक्ति नहीं है। दिल्ली से कुछ नाम टपकेगा, दोनों हाथ ऊपर उठेंगे। रमन के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पलटवार किया है।

मरकाम ने कहा कि डॉ. रमन से उम्मीदवार के बारे में कौन पूछ रहा हैं। रमन किस हैसियत से राज्यसभा उम्मीदवार पर बयान दे रहे हैं? छत्तीसगढ़ में लोगों ने बीजेपी को राज्यसभा चुनाव के बारे में सोचने तक नहीं दिया है।तब भाजपा नेता बार-बार बयान देकर नाराजगी जता रहे हैं। मरकाम ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राज्य के कांग्रेस नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद उम्मीदवार का नाम तय करेगा।


इन नेताओं के दावेदारी सामने आ रही हैं

कांग्रेस के उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार राज्य ने संगठन की ओर से एक ओबीसी और एक आदिवासी नेता का नाम आगे भेजने पर सहमति जताई है। दावेदारों में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी, किरणमई नाइक, राम गोपाल अग्रवाल, गिरीश देवांगन और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा शामिल हैं। हालांकि राज्यसभा चुनाव को लेकर राज्य स्तर पर कांग्रेस पदाधिकारियों की कोई बैठक नहीं हुई है।ऐसे में सभी दावेदार अपने करीबी नेताओं के जरिए अपना दावा पेश कर रहे हैं।