100 करोड़ का ठग रसोईया: 12वीं पास ने दस साल में बनाई तीन कंपनियां; तोहफे के रूप में महंगी बाईक देता था।

Bhilai ki Patrika news,ठगी के कई मामले आपने देखे होंगे पर यह मामला अपने आप मे अनोखा है क्योकि यह ठग मात्र 12 पास है और पेशे से बीएसएफ  मे रसोईया रह चुका है।आइये जानते है क्या है मामला।हजारों लोगों से 100 करोड़ की ठगी करने वाले एक बदमाश को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. दस साल से देश के अलग-अलग राज्यों में लोगो से ठगी कर रहा यह आरोपी जोधपुर का रहने वाला है. चिटफंड, ई-कॉमर्स और मल्टीलेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों का पैसा दोगुना करने का दिखावा करने वाला यह आरोपी सीमा सुरक्षा बल में रसोइया भी रह चुका है।


दो साल बीएसएफ में काम करने के बाद राजस्थान के अलावा दिल्ली और हरियाणा में अलग-अलग कंपनियां बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले इस आरोपी के खिलाफ कई राज्यों मे मामला दर्ज है।

जोधपुर एसपी ने बताया कि बालेसर निवासी ओमराम को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 29 जुलाई को रोहिणी से धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था।



फेक पहचान के साथ दिल्ली में छिपे ओमराम के खिलाफ राजस्थान के तीन से अधिक जिलों में 59 मामले दर्ज हैं।बताया जा रहा है कि ओमराम बीएसएफ में रसोइया था लेकिन 2007 में उसने बीएसएफ छोड़ दिया और मिलिट्री सिक्योरिटी एजेंसी, मल्टी लेवल मार्केटिंग और चिट फंड के जरिए धोखाधड़ी की।



प्रॉपर्टी का काम शुरू करने के साथ-साथ उन्होंने 2018 में नजफगढ़ (दिल्ली) में कैश बैंक बाजार नाम से एक स्टोर खोला। उसके खिलाफ 2020 में राम मारवाड़ी के नाम पर रेप का केस भी दर्ज किया गया था।


जिला ग्रामीण एसपी अनिल कयाल ने बताया कि बालेसर थाने में चार मामलों में ओमराम फरार है। ओमाराम ने मिताशी कंपनी के जरिए ठगी की है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में ओमराम को गिरफ्तार कर प्रोडक्शन वारंट के जरिए जोधपुर लाया जाएगा।


फिलहाल सीकर पुलिस कई मामलों में जांच हेतु पूछताछ कर रही है। मिताशी धोखाधड़ी मामले में जोधपुर जिले में ओमराम के साथियों के खिलाफ भी चार मामले दर्ज हैं।


सीकरी में 10 केस दर्ज

ओमाराम के खिलाफ सीकर में 10 मामले दर्ज हैं। सीकर पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर आरोपी को दिल्ली से सीकर लेकर आई। साल 2011 में कंपनी चेन सिस्टम में शहर के कई लोगों को पैसे और तोहफे का लालच देकर लाखों रुपये की लूट की गई थी।आरोपी ओमाराम के खिलाफ कोतवाली थाने में करीब 10 मामले दर्ज हैं। जिसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।


ओमाराम ने मिताशी नाम की एक कंपनी बनाई। जिन्होंने प्रति व्यक्ति 4000 रुपये लिए और पैसे दोगुने करने की बात कहता था साथ ही सदस्य बनाने पर उन्हें मोटरसाइकिल गिफ्ट जैसे लालच भी देता था। आरोपी और उसके साथी होटलों में सेमिनार करते थे। जिसमें कई लोगों ने झूठी कहानियां सुन लालच मे आ जाते थे। जिससे शहर के कई लोग आरोपी उमराम के जाल में फंस गए।


दोबारा कारोबार शुरू करने पर पकड़ा गया

ओमराम भी दो साल पहले दिल्ली में एक दुष्कर्म  के मामले में पकड़ा गया था, लेकिन उसके पिछले मामलों मे उसकी नाम बदले और अपना आधार कार्ड इंदौर में स्थानांतरित कर देने के कारण कोई गिरफ्तारी नही हो पायी। पिछले साल जब उसने कार्ट नाम से अपना प्लेटफॉर्म शुरू कर लोगों को ठगना शुरू किया तो वह पुलिस की नजरों में आ गया। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।


सोशल मीडिया के जरिए बात करते थे

ओमाराम को राजस्थान के 59 मामलों के साथ हरियाणा की नारनौल पुलिस से भी भगोड़ा घोषित किया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच 6 महीने से उसका पीछा कर रही थी। किसी के पास ओमाराम की फोटो भी नहीं थी। वह कभी भी परिवार और अन्य लोगों से सामान्य कॉल के माध्यम से बात नहीं करता था, हमेशा सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से।