बिहार की नयी सरकार : नीतिश ने भाजपा से गठबंधन तोड़ मिलाया राजद से हाथ,गृहमंत्रालय राजद को मिलने की उम्मीद....

Bhilai ki Patrika, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी के आवास पर राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं से मुलाकात की. इस बीच नीतीश ने पिछली बार महागठबंधन सरकार से हटने पर खेद जताया और कहा कि चलो अब नई शुरुआत करते हैं।

 


बिहार में बीजेपी से गठबंधन तोड़ने के बाद अब सबकी निगाहें नई सरकार पर टिकी हैं. अगले तीन-चार दिनों में नीतीश कुमार महागठबंधन सरकार की ओर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. इस बीच कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार बीजेपी से गठबंधन टूटने से पहले ही राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वाम दलों के नेताओं से कैबिनेट बंटवारे को लेकर बातचीत कर चुके हैं।


जहां तक राजनीतिक चर्चाओं की मानें तो महागठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री  बने रहेंगे। लेकिन इस बार उन्हें गृह मंत्रालय का पद छोड़ना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री के बाद राज्य में सबसे बड़ा पद राजद को मिल सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री के साथ गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।


 

तेजप्रताप यादव भी होंगे कैबिनेट में शामिल

 लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को नई सरकार में शामिल करने की चर्चा है. बता दें कि तेज प्रताप यादव हसनपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का पद कांग्रेस के खाते में जा सकता है। आपको बता दें कि पहले स्पीकर का पद बीजेपी के खाते में था। लखीसराय विधायक विजय कुमार सिन्हा स्पीकर थे। जिससे नीतीश कुमार के कई मतभेद भी हुए थे।


अटकले लगायी जा रही हैं कि नीतिश अगले चुनाव मे तेजस्वी के लिये मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते है।

इसके साथ ही बिहार की राजनीति को करीब से जानने वाले कई जानकारों का कहना है कि नई सरकार बनने से पहले नीतीश कुमार और राजद तेजस्वी यादव के बीच एक खास डील भी हो चुकी है. इस डील के तहत नीतीश कुमार 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के लिए मुख्यमंत्री का पद खाली करेंगे. हालांकि इस तरह की डील को लेकर दोनों तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। वहीं कुछ जानकारों ने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में नीतीश ने कहा था कि यह मेरा आखिरी चुनाव है.



लगभग पांच साल बाद राजद-कांग्रेस की सत्ता में वापसी

वहीं 2015 के चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार में तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और राष्ट्रीय जनता दल के अन्य नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया था. ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं को करीब पांच साल बाद फिर से कैबिनेट में शामिल होने का मौका मिलेगा. कांग्रेस और लेफ्ट के बड़े चेहरों को भी कैबिनेट में मौका दिया जा सकता है. हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है