भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : कानपुर क्षेत्र के भदरस गांव में दिल दहला देने वाली एक घटना 14 नवंबर 2020 को घटित हुई थी | जिसने सबको हिला कर रख दिया था | दिवाली का दिन था, एक मासूम बच्ची पटाखे खरीदने बाजार गई और गायब हो गई, अगले दिन पुलिस को उसकी लाश मिली. पुलिस की जांच में जो सामने आया उससे सुनने वालो की रुंह कांप गयी |
घटकपुर गांव थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पास 6 साल की मासूम बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिलता है इसके बाद ही तांत्रिक मंत्र के चक्कर में मासूम की बलि देने की चर्चा उठी. इसी क्रम में पुलिस ने उसी गांव के रहने वाले अंकुर कुरील और विरन कुरील को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ. पुलिस ने जब ये सुना तो उनके रोंगटे खड़े हो गए.
पुलिस ने बताया कि परशुराम ने अपने भतीजे अंकुल और वीरन को पैसे देकर यह काम किया था।हत्या से पहले दोनों ने शराब पी और मासूम से दुष्कर्म किया| फिर उसे मार दिया |उसके बाद मासूम बच्चे का लीवर और फेफड़े निकालकर परशुराम को दे दिए गए|
परशुराम और उनकी पत्नी ने लीवर खा लिया जबकि अन्य अंग निकाल कर उसको जला दिया गया अंकुर और वीरन के खुलासे के बाद पुलिस ने परशुराम और उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी ब्रिजेश श्रीवास्तव ने बताया कि 1999 में शादी करने वाले परसुराम का कोई बच्चा नहीं था इसलिए उसने तंत्र विद्या के चक्कर में यह कदम उठाया.
मृत बच्ची के चाचा और चाची ने तांत्रिकों की सलाह पर उसकी हत्या कर दी ताकि वह अपना बच्चा पा सके तथा बच्ची के रिश्ते के चाचा-चाची ने कलेजा खुद खा लिया क्योंकि तांत्रिक ने कहा था, “लड़की का कलेजा खाओगे तो बच्चा होगा।”
आरोपी सुनैना और परसुराम ने संतान प्राप्ति के लिए तांत्रिक क्रिया की और मासूम बच्चे का लीवर खा लिया। घटना हृदय विदारक थी. अगली सुबह मंदिर के पास मासूम बच्चे का क्षत-विक्षत शव देख लोग सन्न रह गए। जानकारी लेने के बाद पता चला कि आरोपी सुनैना और परशुराम की 18 साल की शादी के बावजूद कोई संतान नहीं थी और इसलिए उन्होंने तांत्रिक की सलाह पर पूरी कहानी गढ़ी।
साजिश के तहत परिवार के भतीजे को पैसों का लालच देकर 6 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया|हत्या के बाद जब अंकुर और वीरन ने शरीर के अंगों को खाने की मांग की तो अंकुर और वीरन ने मासूम बच्चे के शरीर से लीवर, किडनी और फेफड़ा कलेजा भी निकाल लिया |
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और कोर्ट में शिकायत दर्ज करायी. तीन साल तक चली सुनवाई के बाद 16 दिसंबर को कानपुर देहात कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास समेत कड़ी सजा सुनाई। प्रत्येक पर 20,000 हजार का जुर्माना भी दण्डित किया है |
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