भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :छत्तीसगढ़ में 75 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 2023 के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद अब कई तरह की बाते सामने निकल कर आ रही है जिनमे एक बात यह भी है कि कांग्रेस की हार में कांग्रेस ने ही बड़ी भूमिका निभाई है |
ये शिकायतें इसलिए भी जोर पकड़ रही हैं क्योंकि कांग्रेस से नाखुश पार्टी नेताओं का दर्द समय-समय पर सामने प्रकट किया जा रहा है | कुछ ऐसा ही दर्द शहर विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्ग का भी था, जो अरुण वोरा पर हार की चाहत रखते थे, जिसके लिए भगवान के सामने कामना की थी अरुण वोरा की हार पर वह अपनी चोटी कटवाएँगे |
कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन जैन को पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा का सबसे करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। लेकिन इस चुनाव में मदन जैन ने अरुण वोरा के खिलाफ कई आलोचनाएं कीं. अपने जीवन के 52 साल कांग्रेस पार्टी को समर्पित करने वाले मदन जैन का कहना है कि विधायक ने उनसे कहा कि वह कांग्रेसी नहीं हैं. इससे मदन जैन नाराज हो गए
और उन्होंने कसम खा ली कि विधानसभा चुनाव में अरुण वोरा की हार अवश्यंभावी है| हार के बाद उन्होंने अपनी चोटी कटवा लिए| आख़िरकार मदन जैन की बात सच निकली अरुण वोरा चुनाव हार गए|

