भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : सरकार बदलते ही जेल अधिकारियों ने इस सुविधा का उपयोग बंद कर दिया। पुरुष और महिला कोशिकाओं के लिए विशेष सुविधाओं पर विचार किया गया। फिलहाल उन्हें सामान्य कैदियों की तरह ही रखा जा रहा है। भोजन भी एक ही समय पर दिया जाता है।
मनी लॉन्ड्रिंग, कोयला और शराब घोटाले और महादेव ऐप मामले के कारण रायपुर सेंट्रल जेल के कैदियों के लिए वीआईपी सेंटर बंद कर दिया गया है। सरकार बदलते ही जेल अधिकारियों ने इस सुविधा का उपयोग बंद कर दिया।
पुरुष और महिला सेल के लिए भी एक जैसी सुविधा दी जा रही है । फिलहाल उन्हें सामान्य कैदियों की तरह ही रखा जा रहा है। भोजन भी एक ही समय पर दिया जा रहा है।
जेल अधिकारियों ने कहा कि सुविधाए सोमवार से बंद कर दिए गए हैं। अभी तक सभी को अलग-अलग बैरक में रखा गया था। वहां खाने से लेकर सोने तक की सुविधाएं अलग-अलग थीं। कूलर हटाए जाने की भी खबरें आ रही हैं. जेल प्रशासन द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है की किसी भी समय अघोषित जांच की जा सकती है. ऐसे में पूर्व तैयारियां हो गई हैं|
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बता दे की वीआइपी कैदी वे होते जिन्हें अपनी सामाजिक स्थिति और आर्थिक प्रोफ़ाइल के आधार पर "वीआईपी दर्जे" के लिए आवेदन करने का अधिकार है। आम तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री, गृह मंत्री, सांसद, संसद के पूर्व अध्यक्ष, उपराष्ट्रपति, मौजूदा सांसद, विधायक और न्यायाधीशों को वीआईपी कैदियों के रूप में चुना जाता है।पर कई अपराधी अपनी साख का इस्तेमाल कर के भी इन सुविधाओ का उपयोग करते है |

