भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस नियंत्रण कक्ष में बैठक आयोजित की गई।
कोई भी मेडिकल सप्लाई स्टोर संचालक किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना प्रतिबंधित दवाएं नहीं बेच सकता है, उसे मरीज की जांच करनी चाहिएबिना निरीक्षण के अनधिकृत व्यक्तियों को दवाएं नहीं देनी चाहिए। यह न केवल कानूनी दृष्टिकोण से अवैध है, बल्कि यह व्यवहार लोगों के नशीली दवाओं के उपयोग को भी बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है।
सभी मेडिकल संचालको को दुर्ग पुलिस के नशा मुक्ति अभियान में भाग लेकर सहयोग करना चाहिए |यह बात दुर्ग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने दुर्ग जिले के सभी मेडिकल दुकान संचालकों एवं उनके प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही|
उन्होंने कहा कि पुलिस के नशा विरोधी अभियान में मेडिकल स्टोर संचालकों को संयुक्त रूप से सहयोग देकर नशा मुक्त समाज बनाने में अहम भूमिका निभानी है।
क्षेत्र में अन्य नशीली दवाओं के साथ-साथ नशे की लत भी बड़े पैमाने पर है। ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालकों का सहयोग नशे के खिलाफ लड़ाई में कारगर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक समस्या है इसलिए इसे मिटाने के लिए समाज के सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा।
बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कहा कि नशा विरोधी मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने के लिए दुर्ग पुलिस विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है|
ड्रग तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और फिलहाल पुलिस ने तस्करों के कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाएं जब्त की हैं.
बैठक के दौरान मेडिकल संचालकों और पुलिस के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और समय-समय पर बैठकों के माध्यम से नशा विरोधी अभियान की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया।
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