दुर्ग भिलाई के प्रतिष्ठित डॉ. सत्येंद्र ज्ञानी ने माँ की मृत्यु पश्चात् उनकी आंखे व त्वचा दान दी......

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग भिलाई के प्रतिष्ठित डॉ. सत्येंद्र ज्ञानी की माता श्रीमती इंदिरा देवी ज्ञानचंदानी की मृत्यु के पश्चात् दुर्ग शहर के सत्येन्द्र ज्ञानी परिवार ने उनकी आंखें और त्वचा दान कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया।

श्रीमती इंदिरा देवी ज्ञानचंदानी की मृत्यु के बाद उनके पति धनराज ज्ञानचंदानी, उनके पुत्र डाॅ. सत्येन्द्र ज्ञानी, कुमार ज्ञानी एवं उनकी पुत्रवधु डाॅ. कृतिका ज्ञानी और राधिका ज्ञानि ने नेत्र व चर्म दान करनेका निर्णय लिया |

श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के डॉ. पुष्पेंद्र लहरे और उप नेत्र रोग विशेषज्ञ विवेक कसार पल्सअस्पताल पहुंचे और कॉर्निया कलेक्ट किया| 

 डॉ उदय कुमार, डाॅ. अनिरुद्ध मेंने, डॉ. जेएलएन अस्पताल सेक्टर 9 से डॉ. राहुल सिंगर, सुनीता, संध्या, रश्मी बाला मसीह, मोहम्मद कमर और हेमिन ने त्वचा एकत्र की।

डॉ सतेंद्र ज्ञानी का कहना है कि उनकी मां की मौत सबसे बड़ा दुख है और पूरा परिवार इससे दुखी है, लेकिन अगर वह अपनी मां की आंखों से फिर से कोई देख सकें और पीड़ित मरीजों को उनकी त्वचा वापस मिल सके|

इस निर्णय से परिवार को संतुष्टि है |एक डॉक्टर के रूप में, वह त्वचा और नेत्र दान के महत्व को समझते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य जितेंद्र हसवानी ने कहा, "यह हमारे समुदाय की ओर से पहला त्वचा दान है और अब हमारा समाज लगातार नेत्रदान दान कर रहा है और लोगों में जागरूकता बढ़ रही है|

 सतेंद्र राजपूत ने कहा कि ज्ञानी परिवार के त्वचा एवं नेत्रदान से पूरे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और जनजागरूकता बढ़ेगी।

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