भिलाई कि पत्रिका न्यूज़ :कोंडागांव (छ.ग) एक शिक्षक भगवान राम को इतना मानते हैं कि उन्होंने एक कोसा से बने 15 फुट लंबे गमछे पर राम के बचपन से लेकर रावण के साथ युद्ध और उनकी अयोध्या वापसी तक का चित्रण किया है|
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कपड़े पर पेंटिंग बनाने वाले सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षक राजेंद्र राव का कहना है कि पेंटिंग को पूरा करने में एक महीने का समय लगा और इसके निर्माण का उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और छात्रों को अपनी संस्कृति को भूलकर मोबाइल फोन की दया पर निर्भर करना है।
जब मैं इस पेंटिंग स्कूल की दीवार पर टांगूंगा तो भगवान राम की उस सुंदर छवि को देखकर, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है| उन्हें यह भी समझाने की कोशिश करूंगा कि राम मर्यादा पुरूषोत्तम राम कैसे बने। कैसे श्री राम ने अपने पिता के वचन को पूरा करने के लिए अपना राज्य त्याग दिया
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह छोटा सा प्रयास बच्चों और छात्रों में उत्साह पैदा करेगा।" संपूर्ण रामायण को पढ़ने, समझने और अपने जीवन में समाहित करने का यह एक छोटा सा प्रयास है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी संस्कृति से परिचित हो सकें।
शिक्षक राजेंद्र राव ने कहा कि स्कूल की दीवार पर यह चित्रण बच्चों को संपूर्ण रामायण समझाने का प्रयास है। अगर मैं थोड़ा भी सफल हुआ तो भी अगर बच्चे रामायण के अलावा और भी कुछ जानना चाहते हैं|
तो मैं महाभारत को भी उसी तरह प्रस्तुत करके छात्रों को समझाने की कोशिश करूंगा। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी हमारे महान ग्रंथों को मौखिक रूप से याद रख सके।
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