भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छ.ग ,यूजीसी ने राजधानी ट्रिपल आईटी, आयुष, हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी दुर्ग , इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और कुशाभाऊ ठाकुर कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म समेत राज्य के 11 विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बार-बार कहने के बावजूद यूजीसी के निर्देश का पालन न करते हुए लोकपाल नियुक्त नहीं किया। यूजीसी इन विश्वविद्यालयों को वित्तीय सहायता देना भी बंद कर सकता है।
यूजीसी ने हाल ही में एक सूची प्रकाशित की है।इसमें देश के 432 विश्वविद्यालय और प्रदेश के 11 विश्वविद्यालय शामिल हैं। जिन्होंने यूजीसी के आदेश के विपरीत विश्वविद्यालयों ने अपनी मनमानी की |
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यूजीसी ने सबसे पहले लोकपालों की नियुक्ति के संबंध में अप्रैल 2023 में यूनिवर्सिटी को पत्र लिखा था |
इसमें कहा गया था की लोकपाल की नियुक्ति 30 दिनों के भीतर की जानी चाहिए। बार-बार चेतावनी के बावजूद विश्वविद्यालय ने उनके आदेशों को अनदेखा किया |
इसके बाद विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर सूची में शामिल कर लिया गया। यूजीसी ने उन्हें आखिरी मौका दिया और जल्द से जल्द लोकपाल नियुक्त करने को कहा है |
इसीलिए लोकपाल को इतना महत्व दिया जाता है।यूजीसी ने प्रभावित विश्वविद्यालयों को एक लोकपाल नियुक्त करने और 31 जनवरी तक जानकारी जमा करने को कहा है।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय को एक ग्रीवांस रिडर्सल कमेटी बनाने के लिए कहा गया है। इस समिति में विश्वविद्यालय के चार वरिष्ठ प्रोफेसरों की एक टीम शामिल होगी।
विश्वविद्यालय से संबंधित मामले शुरू में शिकायत समिति को भेजे जाते हैं। अगर छात्र कमेटी के फैसले से संतुष्ट नहीं होगा तो पूरा मामला लोकपाल बेंच में भेजा जाएगा.
फिलहाल लोकपालों की नियुक्ति सिर्फ सीएसवीटीयू में है |यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार राज्य में केवल छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में लोकपाल की नियुक्ति की गई है।
छात्रों के ऐसे मुद्दे जिन्हें विश्वविद्यालय स्तर पर हल नहीं किया जा सकता, उन्हें अब लोकपाल के पास भेजा जाएगा।
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