PM मोदी ने मालदीव को दिया एक और झटका , मालदीव को दी जाने वाली सहायता राशि घटाई..............

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार के मंत्रियों द्वारा दिये गए भारत विरोधी बयानों के चलते अब उन्हे तगड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। 

दरअसल गुरुवार 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट 2024-25 का ऐलान किया गया है, इस दौरान भारत ने मालदीव को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को घटा दिया है, वहीं भारत के पड़ोसियों श्रीलंका और नेपाल को दी जाने वाली सहायता बढ़ाई गई है।

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय ने बजट 2024-25 में भारत द्वारा मित्र देशों को दी जाने वाली सहायता की जानकारी दी है, जिसके अनुसार भारत सरकार 2024-25 में मालदीव को 600 करोड़ रुपये की सहायता देगी। 

बता दे मालदीव को वित्त वर्ष 2023-24 में 770 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी, लेकिन इस बार मोदी सरकार ने मालदीव को दी जाने वाली सहायता को 22 प्रतिशत घटा दिया है और इस बार के बजट में मालदीव को 600 करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया है।

इससे पहले भारतीय सरकार लगातार मालदीव को दी जाने वाली सहायता को बढ़ा रही थी, लेकिन पिछले तीन सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि मालदीव की सहायता को बढ़ाने की वजाय घटाया गया है।

 जानकारी के लिए आपको बता दें मालदीव को 2022-23 में जहाँ 183 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी तो वहीं यह वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 770 करोड़ रुपये हो गई, यानी मालदीव को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 2022-23 के मुकाबले 2023-24 में चार गुने से भी अधिक कर दी गई थी, लेकिन इस बार के बजट में सरकार ने इसे घटाने का निर्णय लिया है। 

सरकार के इस निर्णय के पीछे का कारण मालदीव की नई नवेली मुइज्जू सरकार के भारत विरोधी रवैये को माना जा रहा है। 

मालूम हो कि हाल ही में मालदीव के राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुइज्जू लगातार भारत विरोधी भावनाओं को भड़का रहे हैं, कुछ दिनों पहले ही उनकी सरकार के कुछ मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थी। 

इसको लेकर दोनों देशों के बीच कई दिनों तक कूटनीतिक स्तर पर तनातनी चली थी, वहीं मोहम्मद मुइज्जू ने हाल ही में भारत के सैनिकों को भी 15 मार्च तक वापस जाने को कहा था|

 हालांकि विवाद बढ़ने पर मोहम्मद मुइज्जू की सरकार ने भड़काऊ पोस्ट करने वाले तीनों मंत्रियों को निलंबित करते हुए पीएम मोदी से माफी मांगी थी। इन्हीं सब रवैयों को देखते हुए भारत ने इस बार मालदीव की सहायता से हाथ खींचने चालू कर दिए हैं, वरना भारत हमेशा अपने पड़ोस के देशों को उनके विकास के लिए आर्थिक सहायता देता आया है। 

भारत द्वारा मालदीव की जिस दौरान सहयता बढ़ाई गई उसे दौरान यहाँ पर इब्राहिम मोहम्मद सोलिह राष्ट्रपति थे जो भारत के समर्थक माने जाते थे|

लेकिन अब जो सरकार आई है वह भारत के विरुद्ध मानी जाती है। बजट 2024-25 में भारत द्वारा उठाये गए इस कदम से मालदीव को तगड़ा झटका लगेगा क्योंकि भारत जो सहायता देता है वह मालदीव के बजट का लगभग 1.5% है।

बता दे भारत ने बजट 2024-25 में नेपाल और श्रीलंका को दी जाने वाली सहायता को बढ़ाने का निर्णय लिया है, नेपाल को 2023-24 के दौरान 650 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी|

 जिसे बढ़ाकर अब 700 करोड़ रुपये कर दिया गया है, यानी अब 2024-25 में नेपाल को 700 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। 

वहीं श्रीलंका को अब 60 करोड़ रुपये की जगह 75 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी, इसके अलावा बजट में इस बार अफगानिस्तान को 200 करोड़ रुपये, बांग्लादेश को 120 करोड़ रुपए और म्यांमार को 250 करोड़ रुपए किसी सहायता देने का फैसला किया गया है। 

भारत अपने पड़ोसी भूटान को 2068 करोड़ रुपये की सहायता और लोन देगा। इसके अलावा भारत ने बजट 2024-25 में ईरान में बन रहे चाबहार पोर्ट के लिए भी 100 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है।

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