विधायक की नेक पहल: कवर्धा हादसे में मारे गए 19 लोगो के 24 बच्चो को लिया गोद ,उनकी शिक्षा, रोजगार और शादी की पूरी जिम्मेदारी लेगी विधायक भावना बोहरा...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : कवर्धा. छत्तीसगढ़ में वनांचल पंडरिया जिले के बहपानी कोकोदुर गांव में सोमवार को एक भीषण हादसे में 19 आदिवासियों की मौत हो गई| घटना के बाद विधायक भावना बोहरा ने मंगलवार को घोषणा की कि घटना में जान गंवाने वाले 19 आदिवासी परिवारों के बच्चों को गोद लिया जाएगा|



 विधायक भावना बोहरा ने आज  मृतकों के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान भावना बोहरा काफी भावुक नजर आईं और पीड़ित परिवारों ने भी गले लगाकर अपना दुख जताया|

भावना बोहरा ने कहा कि यह बेहद दुखद और दर्दनाक घटना है. जब परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो पीड़ा दुःखदायी होती है जिसे कभी भी भरपाई नहीं जा सकती। कुकदुर क्षेत्र के मेरे आदिवासी भाइयों और बहनों ने मुझे हमेशा परिवार की तरह प्यार और समर्थन दिया है। 

आज दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पूरे परिवार के साथ हैं। इसलिए हमने उन बच्चों के लिए एक परिवार की भूमिका निभाने का फैसला किया जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने परिवारों को खो दिया, जिन बच्चों ने इस दुर्घटना में अपने माता-पिता को खो दिया। 

इसी कड़ी में विधायक द्वारा नेक प्रयास किया गया है| भावना बोहरा ने भावना समाजसेवी संस्थान के माध्यम से वह इस घटना में मारे गए 19 लोगों के 24  बच्चों की शिक्षा, रोजगार और शादी की पूरी जिम्मेदारी लेगी। पंडरिया विधानसभा मेरा परिवार है, और जब किसी परिवार पर आपदा आती है, तो यह मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि मैं उनके दुख में उनके साथ रहूं। 

हालाँकि मैं उनके खोये सदस्यों की कमी  को पूरा नहीं कर सकती फिर भी मैंने यह निर्णय लिया | मैं निश्चित रूप से उनके परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य की दिशा में काम करने का प्रयास कर सकती हूँ।

बता दे कवर्धा हादसे के दिन विधायक भावना बोहरा झारखंड में थीं. जैसे ही उन्हें इस घटना के बारे में पता चला, उन्होंने तुरंत सभी योजनाएं स्थगित कर दीं और पूरी घटना और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में थे। 

उन्होंने अपने जन प्रतिनिधियों के माध्यम से तुरंत इस दुर्घटना के शिकार लोगों के परिवारों से संपर्क किया और अंतिम संस्कार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कीसाथ ही वे तुरंत छत्तीसगढ़ रवाना हुई और आज पीड़ित परिवार के घर पहुंच कर उनसे मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की|