पिता ने अपनी जीवित बेटी का करवाया मृत्यु भोज , शोक पत्र में लिखवाया - नरकगामी आत्मा को शांति मिले, बाल मुंडवाए , सभी रिश्तेदार हुए शामिल , जानिए क्या है मामला....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : उदयपुर, दक्षिणी राजस्थान के सोयरा कस्बे में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी के लिए एक शोक पत्रिका प्रकाशित की। इसके अलावा, परिवार ने बाल मुंडवाए और उसकी मृत्यु भोज भी आयोजित की| बेटी ने घर से भागकर अंतरजातीय विवाह करने के बाद पिता ने यह कदम उठाया।

दरअसल, दो माह पहले सायरा पंचायत समिति में सुआवतों का गुड़ा गांव की एक लड़की ने समाज से बाहर के अपने प्रेमी के साथ भागकर शादी कर ली. जब पुलिस उसे पकड़कर उसके माता-पिता के पास लाई तो उसने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। पिता को इतना दर्द हुआ कि उन्हें लगा कि उनकी बेटी मर गई है| उनके लिए ये चीजे किसी हादसे से कम नहीं है|

पिता ने एक शोक पत्रिका छपवाई, उसमें 22 मई को अपनी बेटी के अंतरजातीय विवाह का कारण लिखा और सभी को इसमें शामिल होने का निमंत्रण भेजा साथ ही उसमे लिखा था नरकगामी आत्मा को शांति मिले | इस कारण पिता समेत परिवार के सदस्यों ने बुधवार को सिर मुंडवाकर मृत्यभोज का आयोजन करवाया| परिवार को सांत्वना देने के लिए कई रिश्तेदार भी जुट गए।

परिवार वालों का कहना है कि उनकी बेटी का पालन-पोषण लाड़-प्यार से हुआ। उसने हमें बिना बताये इतना बड़ा कदम उठा लिया| मुलाकात के बाद जब उन्होंने हमें पहचानने से इनकार कर दिया तो हम इसे भूल नहीं पा रहे है| इसलिए पूरे परिवार को यह कदम उठाना पड़ा. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. लड़की के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी हमारे लिए मर गई क्योंकि उसने हमें पहचानने से इनकार कर दिया था|

 सायरा थाने में मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि लड़की 10 मार्च को अपने घर से लापता हो गई थी. अगले दिन 11 मार्च को परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस। इसके बाद 14 अप्रैल को जीजा के समझाने पर लड़का और लड़की सायरा थाने पहुंचे| लड़के और लड़की के माता-पिता को थाने बुलाया गया। जहां लड़की ने अपने माता-पिता को पहचानने से इनकार कर दिया।