लोकसभा चुनाव में BJP को हुआ 30 फीसदी मुस्लिम बहुल सीट से नुकसान जबकि तीन गुना से ज्यादा का फायदा सपा को....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मंगलवार को जारी लोकसभा चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 293 सीटों के साथ आगे चल रहा है। विपक्षी गठबंधन "इंडिया" 227 सीटों के साथ है| इससे पहले सातवें और अंतिम चरण के लिए शनिवार 1 जून को मतदान हुआ था. इस चरण में 62.36 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इससे संसदीय चुनावों के लिए चुनावी मैराथन समाप्त हो गई, जो 19 अप्रैल को शुरू हुई थी। 

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट्स के अनुसार अब बात करते हैं उस फैक्टर की जो इस बार पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों के एजेंडे में रहा है. जी हां, हम बात कर रहे हैं मुस्लिम वोटरों की और उन जगहों की जहां मुस्लिम वोटरों की संख्या ज्यादा है|

चुनाव के दौरान मुस्लिम आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर पार्टियों के बीच जुबानी जंग देखने को मिली. बीजेपी ने कहा है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो एससी-एसटी का आरक्षण हटाकर मुसलमानों को दे दिया जाएगा. वहीं, कांग्रेस ने कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो संविधान में संशोधन किया जाएगा और एससी-एसटी के लिए आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा.

इन तमाम दावों के बावजूद चुनाव नतीजों ने काफी हद तक साफ कर दिया है कि एससी-एसटी से आरक्षण छीनकर मुसलमानों को देना ये बात बीजेपी की उन्हें पसंद नहीं आई| यह इस तथ्य से स्पष्ट है कि भाजपा मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों में से 30 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ा| इसके उलट समाजवादी पार्टी ने पिछली बार से तीन गुना से भी ज्यादा सीटें जीतीं|