भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : महाराष्ट्र के ठाणे के कल्याण से एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पर एक 24 वर्षीय नवविवाहित युवती, जागृति बारी, ने अपने पति और सास के लगातार अपमान और तानों से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
घटना का विवरण
जागृति को अक्सर उसके पति और सास द्वारा अपमानित किया जाता था। उन्हें बार-बार "तुम काली हो", "तुम्हारे मुंह से बदबू आती है", "तुम घर छोड़ दो" जैसे ताने सुनने को मिलते थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जागृति ने सुसाइड नोट में अपने पति और सास को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
परिवार का प्रतिक्रिया
जागृति के सुसाइड के बाद उसके पति ने उसका अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया, जिससे उसके भाई विशाल वराडे ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। जागृति के पति, सागर रामलाल बारी, जो मुंबई पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं, और उसकी सास शोभा रामलाल बारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को 11 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
मां की आखिरी बातचीत
जागृति की मां ने बताया कि उनकी बेटी ने आखिरी बार उनसे कहा था कि उसकी सास उसे पसंद नहीं करती थी और उसे शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। सास ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह घर छोड़कर नहीं जाती तो अपनी मां से 10 लाख रुपये लाकर दे।
पुलिस का रुख
डोंबिवली की मानपाड़ा पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह घटना समाज में मौजूद दहेज प्रथा और रंगभेद जैसी कुरीतियों की एक और कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। जागृति की आत्महत्या ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम वास्तव में एक आधुनिक समाज में जी रहे हैं?
जागृति बारी की आत्महत्या एक गंभीर सामाजिक प्रश्न उठाती है: क्या हम वास्तव में एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहाँ लोगों को उनके रंग, रूप और आर्थिक स्थिति के आधार पर अपमानित किया जाता है? यह घटना दर्शाती है कि आधुनिकता और प्रगति के बावजूद, हमारे समाज में अभी भी दहेज और रंगभेद जैसी कुरीतियों का बोलबाला है|
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