हत्या का कारण
कृति कुमारी बिहार की रहने वाली थी और बेंगलुरु में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। आरोपी अभिषेक उसकी रूममेट का प्रेमी है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि अभिषेक पीजी में दाखिल हुआ, कृति को कमरे से बाहर बुलाया और गैलरी में चाकू से हमला कर दिया।
प्रारंभिक जांच
पुलिस के मुताबिक, कृति ने अपनी रूममेट को अभिषेक से दूरी बनाने की सलाह दी थी, जिससे अभिषेक नाराज था। घटना की रात, उसने गुस्से में आकर कृति की हत्या कर दी। पुलिस ने पीजी हॉस्टल मालिक की लापरवाही को भी जांच के दायरे में लिया है।
सीसीटीवी फुटेज
सीसीटीवी फुटेज में अभिषेक को पीजी में प्रवेश करते और कृति को बाहर बुलाकर हमला करते देखा जा सकता है। हत्या के बाद अभिषेक मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि अभिषेक बेरोजगार था और अक्सर अपनी गर्लफ्रेंड से झगड़ता था। कृति के हस्तक्षेप से वह और नाराज हो गया था। मृतका अपनी दोस्त को उससे दूर रहने को कहती थी | जिससे आरोपी की प्रेमिका ने उससे दुरी बना ली थी|प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि हॉस्टल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे यह घटना हो सकी।
हॉस्टल की लापरवाही
घटना में पीजी हॉस्टल मालिक की लापरवाही भी सामने आई है। हॉस्टल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, और आरोपी आसानी से अंदर घुस सका। पुलिस ने कहा है कि हॉस्टल मालिकों को सुरक्षा उपायों को सख्त करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
घटना का विवरण
अभिषेक ने मंगलवार रात करीब 11.30 बजे वीआर लेआउट स्थित पीजी हॉस्टल में घुसकर तीसरी मंजिल पर कृति को कमरे से बाहर बुलाया। इसके बाद उसने गैलरी में चाकू से 20 बार वार किया और गला रेत दिया। शोर सुनकर हॉस्टल की बाकी लड़कियां बाहर आईं, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। कृति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह घटना समाज में बढ़ती हिंसा और नाराजगी के खतरनाक स्तर को दर्शाती है। अभिषेक को न्याय के कटघरे में लाने के साथ ही, इस मामले ने सुरक्षा उपायों की कमी को भी उजागर किया है, जिससे पीजी हॉस्टल मालिकों को सबक लेना चाहिए। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और आरोपी को सख्त सजा दिलाने की बात कही है।
इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि समाज में सुरक्षा और संवेदनशीलता की कमी कितनी खतरनाक हो सकती है। इस मामले ने पीजी हॉस्टल और अन्य सार्वजनिक स्थलों में सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। पुलिस और प्रशासन को अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में कोई और कृति इस तरह की बर्बरता का शिकार न बने|
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