भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग के दुर्ग भिलाई ACC अडानी सीमेंट प्लांट में करोड़ों रुपये के कोयले की आपूर्ति में हुई बड़ी धांधली का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने तीन ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार कर लिया है, जो ऊंचे ग्रेड के कोयले को बदलकर निम्न ग्रेड का कोयला सप्लाई कर रहे थे। इस मामले की शिकायत अडानी सीमेंट प्रबंधन ने जामुल थाने में की थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और आरोपियों को पकड़ा।
शिकायत और जांच की प्रक्रिया:
जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय के मुताबिक ACC अडानी सीमेंट कंपनी ने 22 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने बताया कि दीपका की खदान से जी 11 ग्रेड का कोयला मंगाया जाता है, लेकिन कुछ महीनों से प्लांट में निम्न ग्रेड का कोयला पहुंच रहा था। इसके चलते कंपनी को भारी नुकसान हो रहा था।
धोखाधड़ी का खुलासा:
जांच में पता चला कि कोरबा जिले की दीपका खदान से जी 11 ग्रेड का कोयला लोड करके तीन ट्रक (CG 10 BS 8330, CG 11 AB 7704, और CG 04 LR 7645) निकले थे। लेकिन जब ये ट्रक एसीसी प्लांट पहुंचे, तो इनमें निम्न ग्रेड का कोयला पाया गया। इस धोखाधड़ी के कारण कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
ड्राइवरों की स्वीकारोक्ति:
पुलिस पूछताछ में ट्रक ड्राइवरों ने अपना अपराध स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि वे दीपका खदान से जी 11 ग्रेड का कोयला लोड करते थे, लेकिन बिलासपुर जिले के सरगांव एरिया में उनके मालिक, जगदीश साहू और कैलाश साहू, उन्हें सरगांव स्थित कोयला डिपो में ले जाने का आदेश देते थे। वहां, ऊंचे ग्रेड के कोयले को अनलोड कर निम्न ग्रेड का कोयला लोड कर दिया जाता था।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई:
मामले में पुलिस ने तीनों ट्रक ड्राइवरों - लव कुमार साहू (मोहदा निवासी), रूपेश कुमार साहू, और राजेन्द्र प्रजापति (झलफा हिर्री निवासी) - को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ट्रक मालिकों की तलाश में जुट गई है।
इस प्रकार, इस धोखाधड़ी के मामले में अडानी सीमेंट कंपनी को बड़ा झटका लगा है, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को पकड़कर मामले को उजागर कर दिया है। अब देखना है कि ट्रक मालिकों की गिरफ्तारी के बाद और क्या तथ्य सामने आते हैं।
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