दुर्ग नगर निगम का नया कदम: नाली के कचरे से खाद बनाने के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग नगर निगम ने कचरे के निपटारे के लिए आधुनिक तकनीक से लैस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस नए प्लांट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह न केवल सामान्य कचरे का निपटारा करेगा, बल्कि नाली से निकलने वाले कचरे को भी खाद में परिवर्तित करेगा। इस प्लांट की क्षमता 100 टन प्रतिदिन होगी और इसे बिल्ट एंड ऑपरेट मॉडल पर संचालित किया जाएगा।

शहर की कचरा समस्या का समाधान

दुर्ग नगर निगम के 10 एसएलआरएम सेंटर पहले से ही संचालित हो रहे हैं, लेकिन ये ज्यादातर 2015-16 में बने हुए हैं और इनकी क्षमता अब शहर की बढ़ती आबादी और कचरे की मात्रा को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। पहले जहां शहर में 59 हजार मकान-दुकान थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 73 हजार हो गई है। 

इसके परिणामस्वरूप, नगर निगम को प्रतिदिन 125 टन कचरे का सामना करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त कचरा डंप करना पड़ता है, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक है।

नई तकनीक और रोजगार के अवसर

इस नए प्लांट में तीन मशीनें लगाई जाएंगी: सेग्रिगेट, बेलिंग, और ट्रोमेल मशीन। सेग्रिगेट मशीन कचरे का अलगाव करेगी, बेलिंग मशीन प्लास्टिक के कचरे को अलग करेगी, और ट्रोमेल मशीन कचरे में मिली रेत और गिट्टी जैसे तत्वों को अलग करेगी। इस प्लांट की स्थापना से न केवल कचरे के निपटारे में सुधार होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

शहर की भौगोलिक स्थिति में सुधार

इस नए प्लांट के लगने से अगले 10 से 15 वर्षों तक शहर में निकलने वाले कचरे को प्रभावी ढंग से निपटाया जा सकेगा। इससे न केवल कचरे के निपटारे की प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि नाली की बदबू से भी लोगों को राहत मिलेगी।

दुर्ग नगर निगम का यह कदम शहर की कचरा समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कचरे का प्रभावी निपटारा और खाद निर्माण संभव होगा, जिससे शहर के नागरिकों का जीवनस्तर भी सुधरेगा।