भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राष्ट्रीय औसत के अनुसार 26 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होता है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह अनुपात 21 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक का है।
युक्तियुक्तकरण की पहल
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि शिक्षकों की पदस्थापना में अब तक कुछ अव्यवस्थाएं रही हैं, जिसके कारण शिक्षकों की कमी महसूस हो रही थी। उन्होंने बताया कि पहली प्राथमिकता युक्तियुक्तकरण करना होगा। कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, जबकि कुछ स्कूलों में अधिक शिक्षक हैं। इसी असमानता को दूर करने के लिए उन स्कूलों का चिन्हांकन किया जा रहा है जहां युक्तियुक्तकरण की आवश्यकता है। जल्द ही सभी स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना कर दी जाएगी, जिससे शिक्षा का स्तर और भी बेहतर हो जाएगा।
अधोसंरचना विकास पर जोर
शिक्षकों की व्यवस्था के साथ ही मुख्यमंत्री ने अधोसंरचना विकास पर भी ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अधोसंरचना का विकास भी आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, और युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होने से सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उन स्कूलों में भी शिक्षक मिल सकेंगे जहां शिक्षकों की कमी की वजह से शिक्षा प्रभावित हो रही थी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है। युक्तियुक्तकरण और अधोसंरचना विकास के माध्यम से राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
इस तरह के सुधारों से छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम कर सकता है और अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
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