मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा उन्नति का मूल मंत्र है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि स्कूलों में अनुशासन बना रहे। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मैदानी स्तर पर जाकर स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करें। साथ ही, कलेक्टरों को हर माह दो से तीन स्कूलों का दौरा कर निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
मरम्मत कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी
मुख्यमंत्री साय ने स्कूलों के जीर्णोद्धार कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जर्जर स्कूल भवनों के काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कलेक्टरों से स्कूल भवनों की सुदृढ़ता की स्वयं मॉनिटरिंग करने को कहा।
स्कूल जतन योजना के तहत मरम्मत कार्यों की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्जर स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए प्रारंभ की गई स्कूल जतन योजना के तहत मरम्मत कार्यों की जांच की जाए और योजना में आबंटित राशि का उपयोग कर कार्यों को पूरा किया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और शालाओं के युक्ति-युक्तकरण के लिए प्रस्ताव अगले कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे शालाओं में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, डॉ. बसवराजू एस., और स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी भी उपस्थित थे।
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