भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग रायपुर , हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ का पहला विश्वविद्यालय बनने का गौरव हासिल किया है, जिसने संस्थान में अध्ययनरत लड़कियों को पीरियड्स के दौरान छुट्टी देने का ऐलान किया है। इस निर्णय के तहत, छात्राओं को माहवारी के दिनों में कक्षाओं से अनिवार्य रूप से छुट्टी लेने का विकल्प दिया जाएगा, जिसे ‘मेंस्ट्रुअल लीव पॉलिसी’ (एमएलपी) नाम दिया गया है।
नीति के मुख्य बिंदु:
**अनिवार्य नहीं**: यह छुट्टी अनिवार्य नहीं होगी। छात्राएं अपनी सुविधा अनुसार छुट्टी ले सकती हैं या कक्षाओं में उपस्थित हो सकती हैं।
- **आवेदन प्रक्रिया**: छात्राएं छुट्टी के लिए विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिकारी को आवेदन दे सकेंगी, जिन्हें इस योजना के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- **मासिक और सेमेस्टर लिमिट**: इस नीति के अंतर्गत, छात्राओं को माह में एक दिन और एक सेमेस्टर में अधिकतम छह दिन की छुट्टी मिलेगी।
- **उपस्थिति में गणना**: छुट्टी के दिनों को छात्राओं की उपस्थिति में गिना जाएगा, जिससे उनकी कुल उपस्थिति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- **हेल्थ शील्ड पहल का हिस्सा**: एमएलपी एचएनएलयू की ‘हेल्थ शील्ड पहल’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर खुलकर बात करना और उन्हें सक्रिय दृष्टिकोण से हल करना है।
विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपने महिला विद्यार्थियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। कुलपति प्रो. वीसी विवेकानंदन ने कहा कि, "एमएलपी का कार्यान्वयन एचएनएलयू में युवा महिला छात्रों की विशेष आवश्यकताओं को समझने और उन्हें समर्थन देने के लिए है। हम इस नीति के समर्थन के लिए अकेडमिक काउंसिल का धन्यवाद करते हैं।
एचएनएलयू का यह कदम अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक मिसाल कायम करता है और यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दों पर खुलकर और सक्रिय रूप से बात करने की जरूरत है। इस निर्णय से न केवल छात्राओं को पीरियड्स के दौरान राहत मिलेगी, बल्कि उनके शैक्षणिक जीवन को भी संतुलित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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