भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग बिलासपुर, 24 दिन की नवजात बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि इस हत्या को बच्ची की मां ने ही अंजाम दिया था। गायब होने की कहानी रचकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम किरारी का है।
**परिवार के तानों से थी परेशान**
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ने दो दिन पहले अपनी बच्ची के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की खोजबीन के बाद गायब बच्ची का शव कुएं में पाया गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि मासूम बच्ची की हत्या उसकी मां ने ही की थी।
पूछताछ में महिला ने बताया कि तीसरी बेटी होने पर परिवार वालों के तानों से परेशान होकर उसने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी।किरारी निवासी करण गोयल पेशे से किसान है। उसकी पत्नी हसीन गोयल ने 24 दिन पहले बच्ची को जन्म दिया था। वह रविवार रात नवजात बच्ची को लेकर कमरे में सो रही थी।
दरवाजा अंदर से बंद था। अचानक रात करीब दो बजे उसकी नींद खुली और दूध पिलाने के लिए बच्ची को देखा तो वह गायब थी। उसने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचित किया। हेडक्वार्टर डीएसपी उड्डनय बेहार के मुताबिक घर का एक ही दरवाजा और छत का रास्ता है।
जिस कमरे में महिला और बच्ची सो रही थी, उसका दरवाजा महिला ने ही अंदर से बंद किया था। जब उसकी नींद खुली, तब बच्ची गायब थी और दरवाजा बंद मिला। इस कारण पुलिस को शुरुआत से ही बच्ची की मां और परिजनों पर शक था।
जांच के दौरान पुलिस ने मां पर सख्ती से पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अलग-अलग बयान दिए, लेकिन जब साक्ष्य प्रस्तुत किए गए और जांच के निष्कर्ष सामने रखे गए, तब उसने अपना जुर्म कबूल किया। आरोपी महिला ने बताया कि परिवार में लगातार तानों और उपेक्षा से परेशान होकर उसने यह घातक कदम उठाया।
घटना के बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की और विभिन्न पहलुओं पर गौर करते हुए साक्ष्य जुटाए।
स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और सभी के मन में एक ही सवाल है कि किसी मां के लिए अपनी ही संतान की हत्या करना कैसे संभव हो सकता है। पुलिस ने बताया कि परिवार के तानों और दबाव ने महिला को इस हद तक मजबूर कर दिया कि उसने यह क्रूर कदम उठाया।
इस घटना ने समाज में परिवार और रिश्तों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला एक चेतावनी है कि परिवार के भीतर चल रही समस्याओं और दबावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय रहते उचित समाधान तलाशना चाहिए।
अब, न्यायालय में इस मामले की पूरी सुनवाई होगी और दोषी को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी। पुलिस और समाज दोनों के लिए यह घटना एक बड़ी सीख है कि किसी भी परिस्थिति में नकारात्मक मानसिकता से बचा जाए और परिवार के सदस्यों के साथ सहयोग और समझदारी से पेश आया जाए।
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