CG : एक शानदार करियर से एक मिसाल तक: प्रतिष्ठित संस्थान से MBA कर लाखो की नौकरी छोड़ शुरू किया खेती का काम , आज है करोड़ो का टर्नओवर , 150 लोगो को दे रही है रोजगार ,स्मारिका चंद्राकर की कहानी...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग, धमतरी, कुछ लोग जीवन में बड़ा करने के लिए ही बने होते हैं। ऐसी ही कहानी है छत्तीसगढ़ की धमतरी, जिला अंतर्गत कुरुद प्रखंड के चरमुड़िया गांव की स्मारिका चंद्राकर की, जिन्होंने अपने शानदार कॉरपोरेट करियर को छोड़कर खेती को अपनाया और एक मिसाल बन गईं। 

शिक्षा और करियर की ऊंचाइयां

स्मारिका ने रायपुर से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक की डिग्री एक प्रतिष्ठित संस्थान से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पुणे के एक नामी संस्थान से एमबीए किया। एमबीए के बाद उन्हें एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी में सीनियर बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव के रूप में शानदार नौकरी मिली। पांच साल तक इस नौकरी में रहते हुए उन्होंने एक शानदार घर और गाड़ी का सपना पूरा किया। 

वापस गांव की ओर

महानगर की चमक-दमक के बावजूद, स्मारिका को अपने गांव की मिट्टी की खुशबू और वहां की गलियां याद आती थीं। अचानक पिता की तबियत ख़राब रहने लगी | वह कॉरपोरेट करियर में संतुष्टि नहीं पा रही थीं, जो उन्हें अपने परिवार के साथ खेतों में काम करने में मिली। उन्होंने रायपुर वापस आने का निर्णय लिया और अपने परिवार के साथ मिलकर खेती करने की सोची। 

धारा कृषि फार्म की शुरुआत

अपने बिजनेस डेवलपमेंट के अनुभव का उपयोग करते हुए, स्मारिका ने पहले नौकरी में रहते हुए खेती का काम शुरू किया। उन्होंने पारंपरिक धान और गेहूं की खेती के बजाय सब्जियों की खेती करने का निर्णय लिया। स्मारिका ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर 'धारा कृषि फार्म' की शुरुआत की। 

सब्जी की खेती में नई तकनीक का उपयोग

स्मारिका ने 20 एकड़ जमीन में सब्जियों की खेती शुरू की और नए अंदाज और तकनीक का उपयोग किया। उन्होंने कम समय में पैदा होने वाली सब्जियों की खेती पर फोकस किया। इससे उनका मुनाफा तेजी से बढ़ा और 2021 में उन्होंने अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर फुल टाइम किसान बनने का फैसला किया। आज वे 150 लोगो को रोजगार दे रही है व उनकी सालाना कमाई करोड़ो में है| देश के विभिन्न हिस्सों में उनकी उगाई सब्जी की डिमांड है|

एक प्रेरणादायक सफर

स्मारिका चंद्राकर की यह यात्रा केवल उनके लिए नहीं बल्कि देश भर के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने दिखा दिया कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए और नए तरीकों का उपयोग किया जाए, तो खेती भी एक लाभदायक और सम्मानित करियर बन सकता है। 

इस प्रकार, स्मारिका चंद्राकर की कहानी एक उच्च शिक्षित युवा के साहस और दृढ़ता की गाथा है, जिसने अपने सपनों को पूरा करने के लिए समाज की पारंपरिक सोच को बदल दिया। उनका यह कदम न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही दिशा और समर्पण के साथ कोई भी काम असंभव नहीं है।

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