छत्तीसगढ़ में स्टील उद्योग की हड़ताल से 175 करोड़ का नुकसान, 2 अगस्त को होगी महत्वपूर्ण बैठक.....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ चल रही हड़ताल ने राज्य के स्टील उद्योगों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। हड़ताल के केवल दो दिनों में ही 175 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हो चुका है। इसमें रॉयल्टी, जीएसटी, अप्रत्यक्ष कर, और फैक्ट्रियों द्वारा उपभोग किए गए बिजली के हिस्से का नुकसान शामिल है। सोमवार आधी रात से प्रदेश की 150 से अधिक स्टील और फेरो एलायज फैक्ट्रियां बंद हैं, जिससे न केवल राजस्व बल्कि रोजगार और उत्पादन पर भी भारी असर पड़ा है। 


उद्योगपतियों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 30,000 टन स्टील का उत्पादन बंद है, जिससे अब तक 60,000 टन का उत्पादन नहीं हो पाया है। इस संकट के बीच 2 अगस्त को उद्योग मंत्री के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हड़ताल के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगर हड़ताल जारी रही, तो राज्य की आर्थिक स्थिति पर और भी गंभीर असर पड़ सकता है।

उद्योग जगत ने चिंता जताई है कि बढ़ी हुई बिजली दरों के कारण वे पड़ोसी राज्यों से प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले का शीघ्र समाधान निकालने और बिजली दरों को वापस लेने की मांग की है। अगर स्थिति का समाधान नहीं हुआ, तो इससे राज्य के उद्योगों को और बड़ा झटका लग सकता है, जिससे बाजार में स्टील की कमी भी हो सकती है।

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