भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में 23 सक्रिय मामलों और 6 मौतों के साथ स्वाइन फ्लू की स्थिति गंभीर हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी वायरोलॉजी लैब को अत्याधुनिक बनाने के लिए आदेश दिए गए हैं।
वायरोलॉजी लैब्स को मिले महत्वपूर्ण निर्देश
स्वास्थ्य संचालक ने सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMHO) को निर्देशित किया है कि वे वायरोलॉजी लैब्स में H1N1 वायरस की जांच के लिए आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें। यदि लैब्स में टेस्टिंग किट्स और अन्य आवश्यक रसायनों की कमी होती है, तो उन्हें स्थानीय स्तर पर खरीदने के लिए अनुमति दी गई है। साथ ही, जिन लैब्स में टेक्निकल स्टाफ की कमी है, वहां तत्काल भर्ती के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर और बिलासपुर में लैब्स की स्थिति
रायपुर और बिलासपुर में कोरोना के समय स्थापित वायरोलॉजी लैब्स में स्टाफ की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। रायपुर में संविदा भर्ती की आवश्यकता बताई गई है, जबकि बिलासपुर के सिम्स में संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त होने के बाद नए सिरे से भर्ती की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास
स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में आइसोलेशन वार्डों को फिर से सक्रिय कर दिया है। इन वार्डों में सर्दी, खांसी, और बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई जाएगी। साथ ही, वायरोलॉजी स्टाफ को नई संक्रमणों के लिए तैयार करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मंकी पॉक्स की तैयारी
हालांकि छत्तीसगढ़ में अभी तक मंकी पॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए भी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मंकी पॉक्स की जांच के लिए भी किट्स की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि के मद्देनज़र यह आवश्यक हो गया है कि राज्य के स्वास्थ्य संस्थान पूरी तरह से तैयार हों। समय पर की गई ये तैयारियाँ प्रदेश को किसी भी स्वास्थ्य संकट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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