भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कुर्राहा गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना घटी है, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। एक हथौड़े की कीमत चार लोगों की जान पर भारी पड़ गई। ये घटना एक ऐसे कुएं में हुई, जो पिछले 10 साल से बंद था।
गुरार मोहल्ले में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, जब एक कारीगर का हथौड़ा अचानक हाथ से फिसल कर पुराने कुएं में गिर गया। 45 वर्षीय मुन्ना कुशवाह ने इसे निकालने का निर्णय लिया और बिना सोचे-समझे कुएं में उतर गए। लेकिन वह वापस नहीं लौटे। इसके बाद मकान मालिक शेख बशीर (60) ने उनकी मदद के लिए कुएं में प्रवेश किया, लेकिन वे भी बाहर नहीं आ सके।
फिर उनके बेटे शेख असलम (37) और भतीजे अल्ताफ (21) ने भी उन्हें निकालने का प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश वे भी उसी कुएं में फंस गए।घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उन सभी को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। बताया जा रहा है कि पुराने कुएं में जहरीली गैस जमा हो गई थी, जिसके कारण दम घुटने से चारों की मौत हो गई। ये घटना न केवल चार लोगों की जान ले गई, बल्कि एक पूरे परिवार को भी बर्बाद कर गई, जिसमें बाप-बेटा और भतीजा शामिल थे।
इस दर्दनाक घटना ने इस बात को उजागर किया है कि ऐसे पुराने कुएं और बंद स्थानों में प्रवेश करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। एक छोटी सी लापरवाही कई जिंदगियों को खत्म कर सकती है, जैसा कि इस गांव में हुआ। अब यह घटना एक सबक के रूप में याद की जाएगी, जो बताती है कि जिंदगी की कीमत किसी भी हथौड़े से कहीं अधिक होती है।
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