भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में महादेव सट्टा ऐप से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक बैंक खाता खुलवाया और उसमें 64 लाख रुपये का लेन-देन किया।
फर्जी दस्तावेजों से खोला खाता
भिलाई कैंप 1 के निवासी तबरेज खान ने धोखाधड़ी से किसी अन्य व्यक्ति के आधार और पैन कार्ड का उपयोग कर भिलाई नगर निगम के आरके कलर्स नाम से दुकान का फर्जी गुमास्ता सर्टिफिकेट बनवाया। इसके बाद उसने कोटक बैंक में फर्जी करंट अकाउंट खुलवाया। जब इस खाते में 64 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ, तो बैंक की विजिलेंस टीम ने खाते को फ्रीज कर दिया।
बैंक विजिलेंस ने खोला राज़
बैंक की टीम ने जब इस खाते की जांच की, तो असली दुकान संचालक राजू बाघ ने खुलासा किया कि वह इस खाते का मालिक नहीं है। इससे बैंक अधिकारियों को फर्जीवाड़े का संदेह हुआ, और उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस की पूछताछ में मो. शाहिल ने बताया कि उसने महादेव सट्टा ऐप से जुड़े लेन-देन के लिए इस खाते का उपयोग किया था।
आरोपी की गिरफ्तारी और जांच
मो. शाहिल की शिकायत पर पुलिस ने तबरेज खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। अब तबरेज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तबरेज ने किसके आदेश पर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया और कमीशन की रकम कहां भेजी जा रही थी।
आगे की कार्रवाई
थाना प्रभारी चेतन चंद्राकर के अनुसार, इस मामले में और भी कई नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस जल्द ही अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर सकती है, जिससे इस महादेव सट्टा ऐप से जुड़े बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
इस घटना ने फर्जी दस्तावेजों के दुरुपयोग और डिजिटल अपराधों के खतरों को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ, लेकिन इस तरह के मामलों से निपटने के लिए सतर्कता और भी बढ़ाने की आवश्यकता है।
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