भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : राजस्थान के बारां में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दो साल पहले, 71 वर्षीय दादा ने अपनी पांच साल की पोती के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में शनिवार को पॉक्सो कोर्ट संख्या दो की न्यायाधीश सोनिया बेनीवाल ने आरोपी दादा को दोषी ठहराते हुए उसे जीवन भर जेल में रहने की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक हरिनारायण सिंह के अनुसार, अक्टूबर 2022 में हरनावदा शाहजी थाने में एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसकी पांच साल की बेटी घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान उसकी जेठानी ने सूचना दी कि उसकी बेटी ने बच्ची के साथ आरोपी दादा को कुछ गलत करते देखा है और बच्ची जोर-जोर से रो रही थी।
महिला ने जेठानी के साथ मामा ससुर के घर जाकर देखा कि आरोपी बच्ची के साथ गलत काम कर रहा था। महिला ने आरोपी को धक्का देकर बच्ची को अपने पास खींच लिया। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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पुलिस ने आरोपी को 12 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार कर लिया और 17 फरवरी 2023 को पॉक्सो एक्ट के तहत कोर्ट में चालान पेश किया। न्यायालय ने 18 गवाहों और 24 दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी को 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए, न्यायालय ने आरोपी को कड़ी सजा देने का निर्णय लिया, जिससे समाज में एक सख्त संदेश जाए कि बच्चों के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट के इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, हालांकि इस घातक घटना ने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है।
पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष प्रावधान हैं, जो बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सजा का निर्धारण करते हैं। इस मामले में न्यायालय ने सही ढंग से सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर फैसला सुनाया और अपराधी को सख्त सजा देकर कानून की पकड़ को मजबूत किया।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि समाज में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, इस केस की रिपोर्टिंग और कोर्ट के फैसले से उम्मीद की जाती है कि अन्य संभावित अपराधियों को भी एक सख्त चेतावनी मिलेगी।

