बड़ा हादसा : मंदिर में शिवलिंग निर्माण के दौरान जर्जर दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत, कई घायल , सीएम ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर इलाके में स्थित हरदौल मंदिर में रविवार को शिवलिंग निर्माण के दौरान एक जर्जर दीवार गिरने से 9 मासूम बच्चों की मौत हो गई। यह घटना सावन के महीने में हुई, जब बड़ी संख्या में लोग और बच्चे मंदिर परिसर में शिवलिंग बनाने के लिए एकत्र हुए थे। मरने वाले बच्चों की उम्र 10 से 14 साल के बीच बताई जा रही है।

घटना का विवरण

रविवार का दिन होने के कारण मंदिर परिसर में बच्चों की उपस्थिति ज्यादा थी। हरदौल मंदिर में शिवलिंग निर्माण और भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान जब बच्चे शिवलिंग बना रहे थे, तभी उनके समीप स्थित एक पुरानी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से 9 बच्चों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। रहली विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

सीएम डॉ. मोहन यादव का शोक संदेश

इस हादसे पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "आज सागर जिले के शाहपुर में हुई अतिवृष्टि के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से 9 मासूम बच्चों के काल कवलित होने की खबर सुनकर मन व्यथित है।" उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि घायल बच्चों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाए और घटना की संपूर्ण जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत बच्चों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "भगवान से करबद्ध प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करें। हादसे में घायल अन्य बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।" इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने मृतक बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

मंदिर में जारी है शिवलिंग निर्माण और भागवत कथा का आयोजन

हरदौल मंदिर में सावन के महीने के दौरान शिवलिंग निर्माण की परंपरा चली आ रही है। यह आयोजन हर साल बड़ी धूमधाम से किया जाता है, जहां बच्चे और बड़ों की भागीदारी होती है। रविवार की छुट्टी के चलते इस बार बच्चों की संख्या ज्यादा थी। लेकिन इस बार यह धार्मिक आयोजन दुखद हादसे में बदल गया।

रेस्क्यू अभियान जारी

घटना के बाद प्रशासनिक अमला और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया। कई बच्चों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन ने घटना स्थल की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयारियां की गई हैं।

सावधानियों की आवश्यकता

इस दर्दनाक घटना ने मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जर्जर भवनों और दीवारों की समय पर मरम्मत न होने के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। सरकार और प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे| 

https://chat.whatsapp.com/E3wRU9CCyvFB5tbZKEAqQ7