भिलाई में कांग्रेस के तीन पार्षदों के इस्तीफे से नगर निगम में सियासी भूचाल....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग जिले के भिलाई की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है, जहाँ कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे अंतर्द्वंद्व ने एक नई कड़ी जोड़ दी है। हाल ही में भिलाई नगर निगम के तीन पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर एक नया राजनीतिक मोड़ दिया है। इससे पहले ही दो अन्य पार्षदों की सदस्यता समाप्त हो चुकी थी, और अब इन तीन पार्षदों के इस्तीफे से शहर की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल और भी गहरा गए हैं।

इस्तीफा देने वाले पार्षदों में वार्ड तीन के हरिओम तिवारी, वार्ड नौ की रानू साहू, और वार्ड छह के रविशंकर कुर्रे शामिल हैं। इन तीनों पार्षदों ने जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और कांग्रेस पार्टी में हो रही उनकी उपेक्षा को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। रानू साहू और हरिओम तिवारी ने निर्दलीय चुनाव जीतकर कांग्रेस की सदस्यता ली थी, जबकि रविशंकर कुर्रे ने कांग्रेस की टिकट से चुनाव जीतकर पार्टी का साथ दिया था। लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी और असंतोष ने उन्हें यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शहर में यह भी चर्चा जोरों पर है कि ये तीनों पार्षद जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। यह अटकलें उस वक्त और भी मजबूत हो गईं जब तीनों पार्षदों और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के मोबाइल फोन बंद पाए गए। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी 10 कांग्रेस पार्षद इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे भिलाई नगर निगम में कांग्रेस का राजनीतिक गणित पूरी तरह बिगड़ सकता है।

भिलाई नगर निगम में वर्तमान में 70 वार्ड हैं, जहाँ बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल को 36 पार्षदों की आवश्यकता होती है। अगर तीन पार्षदों के इस्तीफे को सही माना जाए, तो कांग्रेस के पास अब 38 पार्षद बचते हैं, जबकि भाजपा की संख्या 30 हो जाएगी। भाजपा को बहुमत के लिए अब और छह पार्षदों की जरूरत होगी। ऐसे में कांग्रेस की सरकार पर संकट मंडराता दिख रहा है और आने वाले दिनों में दुर्ग की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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