जायसवाल दुर्ग में आयोजित कोसरिया यादव समाज के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद अचानक अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचे मंत्री ने निर्माण में हुई खामियों का जायजा लिया, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री को बताया गया कि 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस वार्ड की छत निर्माण के तुरंत बाद से ही क्षतिग्रस्त हो रही थी। छत की यह स्थिति इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को महिला मरीजों को अन्य वार्ड में स्थानांतरित करना पड़ा। निर्माण में हुई इस भारी चूक को देखते हुए मंत्री ने तुरंत सब इंजीनियर ललित वर्मा को बर्खास्त करने का आदेश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी को मरीजों की सुविधाओं के लिए एक नए इस्टीमेट बनाकर भेजने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने आवश्यक कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए फंड जारी करने का आश्वासन भी दिया। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब सभी संबंधित अधिकारी अलर्ट मोड में हैं।

