भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मध्यप्रदेश , जबलपुर के कुसली गांव में बार-बार सार्वजनिक अपमान से दुखी होकर एक महिला ने अपने पति और घर को छोड़कर दिल्ली का रुख किया, अपने साथ चार बेटियों को भी ले गई। 17 जुलाई को अचानक पत्नी और बेटियों के गायब होने से पति महेंद्र वंशकार परेशान हो गया और उसने बेलखेड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पत्नी और बेटियों के साथ अनहोनी की आशंका जताई।
जांच में पता चला कि महिला ने पति पर नशे में मारपीट का आरोप लगाया था। पत्नी ने बताया कि पति के लगातार अपमानित करने से वह बेहद परेशान हो गई थी और इसलिए घर छोड़ने का निर्णय लिया। महिला ने फोन पर बातचीत में बताया कि पति की नशे में मारपीट और सार्वजनिक अपमान (मोटी भैंस कहने ) से वह तंग आ चुकी थी और अब वापस लौटना नहीं चाहती।
महेंद्र का विवाह 18 साल पहले एक महिला से हुआ था और उनके चार पुत्रियां हैं। शादी के बाद से ही दंपति में विवाद चल रहा था। 17 जुलाई को महेंद्र किसी काम से जबलपुर आया था, और उसके लौटने पर पत्नी और बेटियां गायब मिलीं।
पुलिस ने महिला और बच्चों की तलाश शुरू की और 11 दिन बाद भोपाल में बड़ी बेटी को खोज लिया। बड़ी बेटी ने बताया कि परिवार 18 जुलाई को भोपाल आया था और फिर वहां से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। महिला ने दिल्ली में मजदूरी की खोज के लिए दुर्गेश नामक के अपने भांजे से संपर्क किया था, और वहीं अपने बच्चों के साथ चली गई।
महिला ने एक अगस्त को अपना फोन ऑन किया और बातचीत के दौरान बताया कि वह अब पति के साथ वापस नहीं लौटना चाहती। पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन महिला ने अपने निर्णय पर कायम रहते हुए घर लौटने से इंकार कर दिया।
महिला के दिल्ली पहुंचने के बाद, उसने वहां काम करने की शुरुआत की और बेटियों की देखभाल भी की। महिला ने बताया कि वह अब पति के साथ वापस नहीं लौटना चाहती, क्योंकि वह उसके प्रति की गई बार-बार की अपमानजनक टिप्पणियों और नशे में मारपीट से तंग आ चुकी है।
महेंद्र ने भी अपने परिवार की वापसी के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन पत्नी ने किसी भी समझौते से इंकार कर दिया। बेलखेड़ा थाना प्रभारी सरोजनी टोप्पो ने इस मामले में कहा कि महिला के घर छोड़ने के पीछे मुख्य कारण पति द्वारा बार-बार की गई अपमानजनक टिप्पणियाँ और मारपीट थी।
पुलिस ने महेंद्र को समझाया कि परिवार के लिए शांति और सुकून महत्वपूर्ण है, और उसने महिलाओं को मनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। लेकिन, महिला की ठानी हुई बात है कि वह अब अपने परिवार के साथ एक नई शुरुआत दिल्ली में ही करना चाहती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि पारिवारिक विवादों और अपमानजनक व्यवहार का व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ सकता है। यह घटना समाज में समझौते और सम्मान की आवश्यकता की ओर भी इशारा करती है, ताकि परिवार के सदस्य एक-दूसरे के प्रति स्नेह और समझदारी से पेश आ सकें।
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