भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग ,बिलासपुर नए साल की खुशी और उमंग के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना ने मस्तूरी तहसील के हिर्री गांव को सदमे में डाल दिया। जहां हर कोई नववर्ष का स्वागत कर रहा था, वहीं एक घर में मातम छा गया। यह दर्दनाक घटना 1 जनवरी 2024 की रात को घटी, जब उमेंद्र केवट नामक एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
उमेंद्र, जो अपनी पत्नी सुक्रिता के चरित्र पर शक करता था, ने रात के अंधेरे में अपने तीन मासूम बच्चों—खुशी (5), लिसा (3), और पवन (18 महीने)—के साथ-साथ अपनी पत्नी की भी गला घोंटकर हत्या कर दी। इस क्रूर अपराध ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया। नए साल के जश्न के बाद, जहां पूरा परिवार एक साथ बैठकर केक काट रहा था और भोजन कर रहा था, वहां कोई नहीं जानता था कि इस खुशी के पीछे एक भयानक तूफान छिपा हुआ है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल था। न्याय की उम्मीद में हर किसी की निगाहें कोर्ट की ओर थीं। जिला न्यायालय ने इस जघन्य अपराध को "रेयरेस्ट ऑफ द रेयर" मामलों में से एक मानते हुए आरोपी उमेंद्र केवट को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो किसी भी कारणवश इतना गंभीर अपराध करने का विचार करते हैं।
इस केस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शक और अविश्वास के बीज किस तरह से इंसान को अंधकार में धकेल सकते हैं, और उसके परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं। उमेंद्र केवट की इस अमानवीय हरकत ने न केवल एक परिवार को खत्म कर दिया, बल्कि एक पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया।
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