शीबा और अरुण: एक प्रेम कहानी का दुखद अंत
रूपईडीहा थाने के जमोग ग्राम निवासी हसमत अली की भांजी शीबा काफी समय से उनके साथ रह रही थी। शीबा और अरुण का प्रेम प्रसंग लंबे समय से चल रहा था, लेकिन दोनों परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। शीबा अरुण से शादी करने की मांग कर रही थी, लेकिन अरुण इसके लिए तैयार नहीं था। दोनों के अलग धर्म होने की वजह से परिवारवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।
हत्या की योजना और अमानवीय क्रूरता
23 जुलाई को हाड़ा बसेहरी ग्राम में एक युवती का अर्धनग्न अवस्था में सिर कटा शव मिला। पुलिस ने शीबा की गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू की और मामले को सुलझाने के लिए कई टीमों का गठन किया। प्रशिक्षु सीओ हर्षिता तिवारी, नानपारा पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने मिलकर जांच की।
जांच के दौरान पता चला कि शीबा की हत्या उसके प्रेमी अरुण ने अपने साथी कुलदीप की मदद से की थी। शीबा अरुण से शादी करने की मांग कर रही थी, लेकिन अरुण इसके लिए तैयार नहीं था। अरुण ने कुलदीप की मदद से शीबा का गला दबाकर हत्या की और पहचान छुपाने के लिए उसका सिर और हाथ काटकर पानी में फेंक दिया।
पुलिस की सफलता
पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया कि साक्ष्यों को इकट्ठा करने के बाद, पुलिस ने अरुण और कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया। इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने समाज में व्याप्त धार्मिक और सामाजिक भेदभाव की परतें भी उधेड़ दीं।
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