भारत के करीब पहुंचा एमपॉक्स संक्रमण, अफ्रीका से एशिया तक फैला खतरनाक वायरस...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : वर्तमान में, दुनिया भर के कई देशों में एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। पहले अफ्रीकी देशों में फैलने के बाद, अब यह संक्रमण एशियाई देशों तक पहुंच चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एमपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इसके बावजूद, संक्रमण की चपेट में आए देशों की संख्या में वृद्धि जारी है।

पाकिस्तान और स्वीडन में नए मामले

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में पाकिस्तान में एमपॉक्स के तीन नए मामले सामने आए हैं, जो इस साल के पहले केस हैं। नेशनल कमांड और ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उपायों पर सलाह दी है। पाकिस्तान में यह संक्रमण पिछले साल भी देखा गया था, जब तीन मामले सामने आए थे।

स्वीडन में भी गुरुवार को पहला मामला दर्ज किया गया है। संक्रमित व्यक्ति ने हाल ही में अफ्रीका की यात्रा की थी। स्वीडन में संक्रमण की पुष्टि के बाद, चीनी सरकार ने भी सतर्कता बरतते हुए अगले छह महीनों के लिए कस्टम निगरानी बढ़ा दी है।

अफ्रीका में संक्रमण का प्रकोप

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इस साल अफ्रीकी देशों में 14,000 से अधिक एमपॉक्स के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 524 मौतें शामिल हैं। इनमें से 96% से अधिक मामले और मौतें केवल कांगो में हुई हैं। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए, डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक स्तर पर चेतावनी जारी की है।

भारत पर खतरे की परछाईं

भारत में जुलाई 2022 में पहला एमपॉक्स मामला सामने आया था। 2023 में जुलाई के अंत तक, देश में कुल 27 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 12 मामले केरल से थे। इस साल अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है, लेकिन पाकिस्तान में संक्रमण के मामलों की रिपोर्ट के बाद भारत को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

संक्रमण फैलने का तरीका

एमपॉक्स एक अत्यंत संक्रामक रोग है। इसके लक्षणों में त्वचा पर बड़े छाले, लिम्फ नोड्स में सूजन, और बुखार शामिल हैं। यह संक्रमण संक्रमित जानवर या व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के घाव, खांसने-छीकने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स, या अन्य तरल पदार्थों के संपर्क से संक्रमण फैल सकता है।

सावधानी बरतने की आवश्यकता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एमपॉक्स के खतरे को देखते हुए सभी देशों, विशेष रूप से पड़ोसी देशों और यात्रियों को सतर्क रहना चाहिए। यात्रा को लेकर अधिक सतर्कता और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, हालांकि यात्रा प्रतिबंधों की आवश्यकता फिलहाल नहीं जताई गई है।

 

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