भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक बड़ी कार्रवाई के तहत, एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) को 1620 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना लगाया गया है। दंतेवाड़ा के कलेक्टर ने एनएमडीसी के किरंदुल स्थित खनिपट्टों में नियमों के अनियमिता व उल्लंघन के कारण यह जुर्माना लगाया है। कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में एनएमडीसी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने स्वीकृत खनिपट्टों में निर्धारित खनिज भंडारण और उत्खनन के नियमों का उल्लंघन किया है।
कलेक्टर ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला?
मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दंतेवाड़ा के खनिज निरीक्षक द्वारा दी गई रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई। इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि एनएमडीसी ने अपने खनिपट्टों में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते खनिज भंडारण और उत्खनन के नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर एनएमडीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, एनएमडीसी द्वारा दिए गए जवाब को कलेक्टर ने असंतोषजनक पाया।
जुर्माने की राशि और उसकी गणना
कलेक्टर ने एनएमडीसी के अधिशासी निदेशक को पत्र जारी करते हुए बताया कि ग्राम किरंदुल, तहसील बड़े बचेली, जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न खनिपट्टों में हुए उल्लंघनों के लिए 1620 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माने में खनिज के बाजार मूल्य और रॉयल्टी भी शामिल हैं। एनएमडीसी को 15 दिनों के भीतर यह राशि जमा करने का आदेश दिया गया है।
आगे क्या?
इस जुर्माने के बाद एनएमडीसी के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अगर एनएमडीसी निर्धारित समय के भीतर जुर्माना नहीं भरता है, तो इस मामले में और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। यह कार्रवाई अन्य खनन कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


