CG : यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने की आत्महत्या , मौत के 4 साल बाद युवती को मिला न्याय , अदालत ने आरोपियों को सुनाई 10 साल की सजा...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग, राजधानी रायपुर के आरंग इलाके में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय सामने आया है। सेशन कोर्ट ने यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के एक जघन्य मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपियों को 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के साथ ही चार साल पहले आत्महत्या करने वाली युवती को आखिरकार न्याय मिल गया है।

मामला क्या था?

मई 2020 में, एक युवती ने यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के कारण आत्महत्या कर ली थी। आरोपियों ने पीड़िता के निजी फोटो लेकर उसे वायरल करने की धमकी दी थी। इस भय और शर्मिंदगी से परेशान होकर युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद, युवती के परिजनों ने आरंग पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया।

पुलिस कार्रवाई और अदालत में सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 306 और 34 भादंसं के तहत अपराध दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद सेशन कोर्ट में लगभग चार साल तक इस मामले की सुनवाई चली। इस दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहियों की जांच-पड़ताल की।

कोर्ट का निर्णय

अब जाकर सेशन कोर्ट ने आरोपी करण देवांगन, इशु मिरी, और परमेश्वर चक्रधारी को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, उन्हें 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड और 6 महीने के शश्रम कारावास की सजा भी दी गई है। न्याय की इस प्रक्रिया में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक राघवेंद्र सिंह ने मामले की पेरवी की।

यह निर्णय इस बात का प्रतीक है कि न्याय की प्रक्रिया लंबी और कठिन हो सकती है, लेकिन अंततः पीड़ितों को न्याय प्राप्त होता है। इस मामले में पीड़िता की आत्महत्या और आरोपियों की दंड की सजा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में ऐसी घटनाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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