भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में एक बड़ी पहल शुरू की जा रही है। राज्य की राजधानी रायपुर और आसपास के शहरों के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए रूस की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके लाइट मेट्रो चलाने की योजना बनाई गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रायपुर नगर निगम और रूस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हस्ताक्षरित हुआ है, जो मॉस्को में आयोजित इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट के दौरान संपन्न हुआ। इस समझौते पर रायपुर के महापौर एजाज ढेबर और रूस के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने हस्ताक्षर किए हैं।
लाइट मेट्रो: रायपुर से दुर्ग-भिलाई तक
लाइट मेट्रो रायपुर से लेकर दुर्ग और भिलाई के बीच चलेगी। यह ट्रेन रशियन तकनीक से संचालित होगी और इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं का समावेश होगा। यह मेट्रो एलिवेटेड रूट पर चलेगी, जिसमें ट्रेन पिलरों पर बने ट्रैक पर दौड़ेगी। ट्रेन की प्रत्येक बोगी बैटरी संचालित होगी, और इसमें एसी, वाईफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस ट्रेन में एक समय में 1000 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे।
MoU के प्रमुख बिंदु
इस समझौते के तहत निम्नलिखित चार मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
1. **लाइट मेट्रो प्रोजेक्ट:** रायपुर से दुर्ग-भिलाई तक लाइट मेट्रो का संचालन।
2. **इलेक्ट्रिक बसें:** रायपुर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और प्रबंधन।
3. **ट्रैफिक मैनेजमेंट:** रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नई तकनीकियों का उपयोग।
4. **आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस:** सार्वजनिक परिवहन प्रबंधन में AI का इस्तेमाल।
रूस की विशेषज्ञ टीम का आगमन
महापौर एजाज ढेबर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के लिए जल्द ही रूस की एक विशेषज्ञ टीम रायपुर आएगी। यह टीम शहर का निरीक्षण करेगी और प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं पर कार्य करेगी। इसके अलावा, रायपुर में पहले से मौजूद स्काई-वॉक की स्थिति का भी निरीक्षण किया जाएगा, ताकि उसमें लाइट मेट्रो चलाने की संभावना पर विचार किया जा सके।
तीन साल की मेहनत का परिणाम
यह परियोजना किसी एक दिन का काम नहीं है। महापौर ने बताया कि वे वर्ष 2022 से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर रूस के अधिकारियों से संपर्क कर रहे थे। उन्होंने 2023 में भी ट्रांसपोर्टेशन समिट में भाग लिया था और लगातार मॉस्को के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और मेयर को इस प्रोजेक्ट के संबंध में मेल किए। तीन साल की लगातार मेहनत के बाद अब यह समझौता संभव हो सका है।
मॉस्को का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम: एक उदाहरण
महापौर एजाज ढेबर ने मॉस्को के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तारीफ की और कहा कि यह दुनिया के सबसे आधुनिक सिस्टम में से एक है। मॉस्को में 2,000 से अधिक कैमरों और 3,700 से ज्यादा सेंसर का उपयोग करके पब्लिक ट्रांसपोर्ट को संचालित किया जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को दुनिया की सबसे कुशल प्रणाली माना गया है। रायपुर में भी इसी तकनीक का उपयोग करके ट्रैफिक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
परियोजना की लागत
रायपुर में लाइट मेट्रो चलाने की इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 400-500 करोड़ रुपए है। यह लागत तकनीकी पक्षों के स्पष्ट होने के बाद तय की जाएगी और इसके लिए सरकारी स्वीकृति ली जाएगी। इस परियोजना में विदेशी निवेश की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट
यह समझौता मॉस्को में आयोजित इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट के दौरान हुआ। इस समिट में 150 से अधिक देशों के शहरों के मेयर, ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। इस समिट में शहरी क्षेत्र के विकास की रणनीति, हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट, डिजिटल सर्विसेज, ट्रांसपोर्ट के नए वैकल्पिक मोड्स, और सेफ्टी एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ के लिए यह परियोजना एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। इसके सफल कार्यान्वयन से राज्य की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और रायपुर के लोगों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवा मिलेगी।
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