भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से कर भुगतान की लेनदेन सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। यह घोषणा गुरुवार को RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद की।
यह कदम खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगा जो अपने करों का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना पसंद करते हैं। UPI, जो पहले से ही देश में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला भुगतान माध्यम बन चुका है, अब करदाताओं को अधिक आसानी और सुविधा के साथ उच्च मूल्य के लेनदेन करने की अनुमति देगा।
RBI के अनुसार, कर भुगतान जैसी नियमित और उच्च मूल्य की प्रक्रियाओं के लिए UPI सीमा को बढ़ाना आवश्यक था, ताकि करदाताओं को और अधिक सुविधा मिल सके। एनटीटी डेटा पेमेंट सर्विसेज इंडिया के मुख्य वित्तीय अधिकारी राहुल जैन ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे कर-संग्रह प्रणाली को मजबूती मिलेगी, कर संग्रह की लागत कम होगी, और करदाताओं के लिए यह प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बन जाएगी।
इस निर्णय के बाद, UPI के माध्यम से कर भुगतान करना और भी सहज और सुविधाजनक हो जाएगा, जिससे देश में डिजिटल भुगतान को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो न केवल करदाताओं के लिए, बल्कि पूरे वित्तीय तंत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
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