छत्तीसगढ़ के बेलगांव में फसल सुरक्षा के नाम पर क्रूरता: बंदरो को उतारा मौत के घाट, 17 बंदरों की मौत से मचा हड़कंप, आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बेलगांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। गांव में फसलों की सुरक्षा के लिए नियुक्त एक रखवार ने 17 बंदरों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा किया है, बल्कि वन विभाग और अन्य सरकारी अधिकारियों को भी हरकत में ला दिया है।

घटना का विवरण

बेलगांव के ग्रामवासियों ने अपनी फसलों को बंदरों से बचाने के लिए हर घर से 1 किलो चावल और कुछ नगद राशि जमा कर रखवार की नियुक्ति की थी। इस रखवार का काम बंदरों को भगाने का था, लेकिन उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए 17 बंदरों को मार डाला। जैसे ही बंदरों की मौत की खबर फैली, आसपास के ग्रामीण इलाकों में हलचल मच गई। वन विभाग, पुलिस, तहसीलदार, और पशु चिकित्सा विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

ग्रामीणों की चुप्पी

पुलिस और वन विभाग की जांच के दौरान, गांव के लोग इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से कतराते नजर आए। पंचायत भवन में हुई बैठक में भी किसी ने खुलकर कुछ नहीं कहा। हालांकि, आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है।

संगठनों का रोष

घटना के बाद हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठनों ने कड़ी निंदा की है और आरोपी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि इस तरह की क्रूरता किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जा सकती, और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

बेलगांव की इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया है, बल्कि ग्रामीणों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि फसल सुरक्षा के लिए ऐसे कृत्य कितने सही हैं। अब देखना यह है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और आरोपी को किस तरह की सजा दी जाती है।

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