भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर (छग) भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई यात्रा को पेपरलेस और तेज़ बनाने के लिए 'डिजी यात्रा' की शुरुआत की है। यह एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसके अंतर्गत यात्रियों की पहचान और यात्रा संबंधित जानकारी का सत्यापन फेस बायोमेट्रिक्स के माध्यम से किया जाएगा। रायपुर एयरपोर्ट समेत देश के 9 हवाई अड्डों पर 6 सितंबर 2024 से यह सेवा प्रारंभ हो रही है।
डिजी यात्रा' क्या है?
‘डिजी यात्रा’ एक डिजिटल पहचान प्रणाली है, जिसमें यात्री का चेहरा ही उसका बोर्डिंग पास होगा। इसके जरिए यात्रियों को बार-बार दस्तावेज़ दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे चेक-इन और सुरक्षा जांच प्रक्रिया तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगी।
किन एयरपोर्ट्स पर शुरू हो रही है डिजी यात्रा?
विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जरापु राममोहन नायडू इस नई सुविधा का शुभारंभ करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अन्य 8 हवाई अड्डों - भुवनेश्वर, कोयंबटूर, डेबोलीम, इंदौर, बागडोगरा, रांची, पटना और रायपुर में इसका समारंभ किया जाएगा।
रायपुर एयरपोर्ट पर ट्रायल
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में 'डिजी यात्रा' का ट्रायल 25 जून 2024 से किया गया था। अब तक लगभग 10-13 प्रतिशत यात्री इस सेवा का लाभ ले चुके हैं। यह पहल यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो रही है, जो यात्रा को सुगम और समय बचाने वाला बना रही है।
डिजी यात्रा प्रक्रिया:
डिजी यात्रा के दो प्रमुख चरण हैं:
1. ऐप के जरिए नामांकन : यात्री को डिजी यात्रा ऐप पर अपना पंजीकरण करना होगा और एक बार चेहरा अपलोड कर देना होगा।
2. क्रेडेंशियल साझा करना: यात्रा से पहले ऐप पर यात्रा संबंधित जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके बाद आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास बन जाएगा।
यात्री इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन करके डिजी यात्रा ऐप में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इस तकनीक के आने से अब हवाई यात्रा और भी आसान, तेज़ और पेपरलेस होगी।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे|
https://chat.whatsapp.com/Gpd7UXjFxWk6mOz58tH1KS

